चंदाैली। कोतवाली क्षेत्र के मढ़िया गांव में समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और मारपीट के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्यारेलाल यादव ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है और इसमें पैसों के लेनदेन जैसा कोई वित्तीय विवाद नहीं है।
प्यारेलाल यादव के मुताबिक, करीब एक हफ्ते पहले लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें गार्गी सिंह भी शामिल हुई थीं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 10 सालों से जमीन (प्रॉपर्टी) के कारोबार में हैं और इसी सिलसिले में वह गार्गी सिंह को अपने साथ लखनऊ ले गए थे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया कि इसके बाद सपा नेता सिद्धांत जायसवाल ने उनके परिजनों को भड़का दिया, जिससे परिवार में गलतफहमी पैदा हो गई। इसी शक के आधार पर गार्गी सिंह के साथ मारपीट की यह घटना हुई।
पीड़िता का आरोप: पहले मिली थी धमकी
दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए देर रात पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अस्पताल में भर्ती पीड़िता गार्गी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि लखनऊ में हुई बैठक के दौरान वाराणसी के रामनगर निवासी सपा नेता सिद्धांत जायसवाल ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। गार्गी का कहना है कि उनकी राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाने और उन्हें रास्ते से हटाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई।
हालांकि, सिद्धांत जायसवाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने पहले धमकी दी थी, तो उस वक्त शिकायत क्यों नहीं की गई? उन्होंने इसे पूरी तरह से एक निजी विवाद बताया।
लाठी-डंडों से हमला और लूट का आरोप
दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मढिया पड़ाव की रहने वाली गार्गी सिंह गुरुवार सुबह अपने घर पर थीं। उसी दौरान उनके बिजनेस पार्टनर प्यारे मामा वहाँ पहुंचे। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उर्मिला यादव, अमित यादव, मनोज यादव और मोनी यादव समेत अन्य लोग जबरन घर में घुस आए।
आरोपियों ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से गार्गी सिंह पर हमला कर दिया और उन्हें बेरहमी से घसीटा। मारपीट के दौरान उनके सोने के गहने छीनने और घर में मौजूद बच्चों के साथ भी हाथापाई करने का आरोप है। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया है, जहाँ उनके शरीर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि मामला व्यापारिक और निजी विवाद से जुड़ा लग रहा है, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घायल सपा नेता से मिले पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष
इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। शुक्रवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल गार्गी सिंह पटेल से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। भाजपा नेता ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
राणा प्रताप सिंह ने कहा कि भले ही गार्गी सिंह विपक्षी दल की नेता हैं, लेकिन वह पहले एक महिला हैं और उनके साथ हुई यह हिंसा बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला करने वाले लोग भी सपा से ही जुड़े हैं। इसके साथ ही सपा नेता चंद्रशेखर यादव और जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मुलाकात की।

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