रायबरेली। लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। अपने हालिया रायबरेली दौरे के समय उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जैसे गंभीर विषयों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की आम जनता इस समय भीषण आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग उनकी तकलीफों को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।
ईंधन और जरूरी चीजों के बढ़ते दामों पर जताई चिंता
जनता को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। इस अनियंत्रित मूल्यवृद्धि के कारण मध्यमवर्ग और गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि देश का नागरिक आर्थिक मोर्चे पर चौतरफा मार झेल रहा है, मगर शासन स्तर पर इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
बेरोजगारी और संविधान की सुरक्षा को लेकर बोला हमला
महंगाई के अलावा कांग्रेस नेता ने बेरोजगारी की समस्या और संविधान को बचाने के मुद्दे पर भी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं, जिससे देश का भविष्य अंधकार में जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की गरिमा को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए दावा किया कि मौजूदा शासन में संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का पलटवार
राहुल गांधी के इन तीखे आरोपों पर पलटवार करने में सत्ता पक्ष ने भी देर नहीं की। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक संकटों के इस दौर में भी राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए देश की जनता को भ्रमित और गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

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