जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ने यात्री सुविधाओं को बढ़ाने और अपने रेल नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने अपने जोन के अंतर्गत आने वाले 14 महत्वपूर्ण स्टेशनों को अपग्रेड करते हुए उन्हें 'जंक्शन' का आधिकारिक दर्जा दे दिया है। इन उन्नत किए गए स्टेशनों में जबलपुर रेल मंडल के सबसे ज्यादा 8 स्टेशन शामिल हैं, जबकि भोपाल और कोटा रेल मंडल के 3-3 स्टेशनों को यह नया गौरव प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, रेल नेटवर्क के विस्तार को गति देने के लिए रेलवे बोर्ड ने 11 नए रेल मार्गों के सर्वे को भी अपनी हरी झंडी दे दी है।
उत्तर और दक्षिण भारत का सफर होगा तेज, भोपाल-इटारसी के बीच चौथी लाइन
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने के लिए बुंदेलखंड के बीना से भोपाल होते हुए इटारसी तक जाने वाली 237 किलोमीटर लंबी 'चौथी रेल लाइन' के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 4,329 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया गया है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस चौथी लाइन के तैयार होने से दिल्ली-मुंबई और उत्तर से दक्षिण भारत के बीच चलने वाली यात्री व मालगाड़ियों की रफ्तार में बड़ा इजाफा होगा, जिससे रेल यातायात का दबाव कम होगा और मुसाफिरों को लेटलतीफी से बड़ी राहत मिलेगी।
ये 14 स्टेशन अब कहलाएंगे 'जंक्शन'; संत हिरदाराम नगर बना भोपाल का दूसरा बड़ा स्टेशन
पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा अपग्रेड किए गए 14 स्टेशनों की आधिकारिक सूची इस प्रकार है, जिन्हें अब जंक्शन के रूप में जाना जाएगा:
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जबलपुर रेल मंडल (8 स्टेशन): कटनी साउथ जंक्शन, कटनी मुड़वारा जंक्शन, कैमोर जंक्शन, सगमा जंक्शन, बांसापहाड़ जंक्शन, बीना मालखेड़ी जंक्शन, कटनी खुर्द जंक्शन और कछपुरा जंक्शन।
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भोपाल रेल मंडल (3 स्टेशन): तलवड़िया जंक्शन, रूठियाई जंक्शन और संत हिरदाराम नगर जंक्शन।
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कोटा रेल मंडल (3 स्टेशन): गंगापुर सिटी जंक्शन, रामगंज मंडी जंक्शन और गुड़ला जंक्शन।
विशेष रूप से, भोपाल के बैरागढ़ स्थित 'संत हिरदाराम नगर' रेलवे स्टेशन को अब आधिकारिक तौर पर भोपाल शहर का दूसरा सबसे प्रमुख रेलवे जंक्शन घोषित कर दिया गया है, जिससे इस क्षेत्र का कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तेजी से होगा।
11 नए रेल रूटों का होगा सर्वे, सीहोर-कोटा मार्ग पर काम जारी
मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों में रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए 11 नए रेल मार्गों की संभावनाएं तलाशने का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इन रूटों का तकनीकी व भौगोलिक सर्वे जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सीहोर-श्यामपुर-ब्यावरा के रास्ते राजस्थान में कोटा के समीप रामगंज मंडी तक बिछाई जा रही नई रेल लाइन का निर्माण कार्य भी पूरी गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को सीधे और छोटे रूट का विकल्प मिल सकेगा।

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