नई दिल्ली: देश के सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर इस समय महज छह दिन पहले बनी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) की जबरदस्त चर्चा है। इस नई पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर गुरुवार दोपहर 2 बजे तक 1.34 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जो देश की किसी भी अन्य राजनीतिक पार्टी के मुकाबले सबसे अधिक हैं। तुलना के तौर पर देखें तो इंस्टाग्राम पर कांग्रेस के 1.33 करोड़, भाजपा के 87 लाख, आम आदमी पार्टी के 87 लाख और सीपीआई(एम) के 2.35 लाख फॉलोअर्स हैं। हालांकि, एक तरफ जहां इंस्टाग्राम पर पार्टी तेजी से लोकप्रिय हो रही है, वहीं दूसरी तरफ गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे इसका 'X' (ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया, जिस पर 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे।
सीजेआई सूर्यकांत के बयान के विरोध में हुआ पार्टी का गठन
इस अनोखी पार्टी के गठन की कहानी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत के एक विवादास्पद बयान से जुड़ी है। दरअसल, 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों (पैरासाइट्स) से कर दी थी, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर सवाल उठाते हैं। इस बयान के विरोध में अगले ही दिन यानी 16 मई को इस डिजिटल पार्टी की नींव रखी गई। हालांकि, विवाद बढ़ता देख सीजेआई सूर्यकांत ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनकी यह टिप्पणी केवल उन लोगों के लिए थी जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत, मीडिया या अन्य सम्मानित पेशों में घुस आए हैं।
अनोखा लोगो, नारा और सदस्यता की चार अनूठी शर्तें
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके हैं, जो अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर्स कर रहे हैं और पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर रह चुके हैं। अभिजीत ने पार्टी का लोगो जारी करते हुए इसका नारा ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी’ रखा है। इस पार्टी का सदस्य बनने के लिए चार मुख्य योग्यताएं तय की गई हैं, जिनमें पहली बेरोजगारी, दूसरी आलसी होना (यानी डले रहो, पड़े रहो), तीसरी ऑनलाइन रहने की लत और चौथी प्रोफेशनली अपनी भड़ास निकालने की क्षमता होना शामिल है। युवाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता फैलाने के लिए दिल्ली में कुछ समर्थक कॉकरोच की ड्रेस पहनकर यमुना किनारे सफाई अभियान चलाते हुए भी नजर आए।
सीजेपी के मैनिफेस्टो में किए गए 5 बड़े और कड़े वादे
पार्टी ने अपना एक चुनावी घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) भी जारी किया है, जिसमें बेहद कड़े और अलग वादे किए गए हैं। मैनिफेस्टो के मुताबिक, अगर सीजेपी सत्ता में आती है तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी सीजेआई को राज्यसभा जाने का इनाम नहीं मिलेगा। इसके अलावा, महिलाओं को 33% के बजाय कैबिनेट और संसद में 50% आरक्षण दिया जाएगा। किसी वैध वोट को डिलीट करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त को यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। मीडिया जगत में सुधार के लिए अंबानी और अडाणी के मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और गोदी मीडिया एंकरों के बैंक खातों की जांच होगी। आखिरी वादे के तौर पर, दलबदल करने वाले सांसदों और विधायकों के चुनाव लड़ने पर रोक लगेगी और वे अगले 20 साल तक किसी सरकारी पद पर नहीं रह सकेंगे।

More Stories
भवानीपुर में ममता को बड़ा झटका! अपने ही बूथ पर मिली हार, सिर्फ 51 वोट मिले
भाजपा नेता रंजीत कुमार दास फिर बने असम विधानसभा अध्यक्ष, दूसरी बार संभाली कमान
शपथ समारोह में गूंजा ‘राहुल जिंदाबाद’, गवर्नर बोले- यह शपथ का हिस्सा नहीं