मोगा। आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थानीय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मुकदमे में आज अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ी। इस मामले की सुनवाई के दौरान विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा स्वयं जेएमआईसी (JMIC) आशिमा शर्मा की अदालत के समक्ष उपस्थित हुईं। कोर्ट रूम में उन्होंने इस पूरे विवाद और अपनी शिकायत से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी तथ्य व साक्ष्य न्यायाधीश के सामने पेश किए।
'भेड़-बकरी' वाले बयान पर गहराया कानूनी विवाद
गौरतलब है कि कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख करने वाली राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने एक बयान दिया था। आरोप है कि उन्होंने इस बयान में पंजाब के 'आप' विधायकों की तुलना कथित तौर पर “भेड़-बकरियों” से कर दी थी। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई और मोगा से विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने इसे अपनी और अपने पद की तौहीन मानते हुए स्वाति मालीवाल के खिलाफ अदालत में मानहानि का केस ठोक दिया।
विधायक बोलीं- यह जनता के लोकतांत्रिक भरोसे का अपमान है
अदालत परिसर से बाहर आने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने अपने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत जनता द्वारा चुनकर विधानसभा भेजे गए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ऐसी अमर्यादित, अभद्र और ओछी भाषा का इस्तेमाल किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने तर्क दिया कि यह सिर्फ एक विधायक का अपमान नहीं है, बल्कि उन लाखों मतदाताओं का भी घोर अनादर है जिन्होंने अपने बहुमूल्य वोट से अपना प्रतिनिधि चुना है।
अदालत से नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज, कानूनी लड़ाई का संकल्प
डॉ. अमनदीप कौर ने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में या समाज के भीतर इस तरह की अमर्यादित शब्दावली को कतई बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए, यही वजह है कि उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी के बजाय कानून का दरवाजा खटखटाया है। विधायक ने कानूनी प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत की ओर से जल्द ही स्वाति मालीवाल को समन या नोटिस तामील कराने की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।

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