September 26, 2026

MP के BJP विधायक Sanjay Pathak को सुप्रीम कोर्ट से राहत, SLP वापस लेने की अनुमति

जबलपुर: मध्य प्रदेश के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। हाई कोर्ट के जज को फोन करने और अवैध उत्खनन के आरोपों से घिरे विधायक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता आशुतोष दीक्षित को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ही अपनी बात रखने का निर्देश देते हुए एसएलपी (SLP) वापस लेने की अनुमति दे दी है।

क्या है पूरा विवाद?
विधायक संजय पाठक से जुड़ी पारिवारिक फर्मों पर 443 करोड़ रुपये के अवैध उत्खनन का जुर्माना लगाया गया है। आरोप है कि इसी मामले की सुनवाई के दौरान विधायक ने संबंधित जज को सीधे फोन कर दिया था। इस घटना के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। हाई कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की स्थिति

  • सुप्रीम कोर्ट का रुख: जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता हाई कोर्ट में चल रहे अवमानना मामले में अदालत की सहायता कर सकता है।
  • संजय पाठक की माफी: विधायक की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि पाठक अपनी गलती स्वीकार कर चुके हैं और बिना शर्त माफी मांग ली है।
  • हाई कोर्ट में पेशी: जबलपुर हाई कोर्ट ने विधायक का हलफनामा रिकॉर्ड पर ले लिया है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने के लिए तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होनी है।