नई दिल्ली। भारतीय सेना के जवान ‘सावन बरवाल’ ने 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर देश का नाम रोशन किया है। हवलदार सावन बरवाल, जो प्रतिष्ठित 501 एफएसई ग्रुप (बंगाल इंजीनियर ग्रुप) का हिस्सा हैं, जिसे फाइल जीरो वन द ऑनली वन के नाम से जाना जाता है ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 12 अप्रैल 2026 को नीदरलैंड्स में आयोजित फुल मैराथन (42.195 किमी) को मात्र 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड में पूरा कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने 1978 में महान एथलीट ‘शिवनाथ सिंह’ द्वारा बनाए गए 2:12:00 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह रिकॉर्ड पूरे 17,486 दिनों तक कायम रहा, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास का सबसे लंबा चलने वाला रिकॉर्ड था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सावन बरवाल की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना, खासकर बंगाल सैपर्स और 501 एफएसई ग्रुप के अनुशासन, मेहनत और जज्बे का प्रतीक है। बंगाल सैपर्स सेंटर में मिली कठोर ट्रेनिंग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया, जहां उन्होंने यह साबित कर दिया कि सेना के जवान न सिर्फ सीमा पर, बल्कि खेल के मैदान में भी देश का नाम ऊंचा कर सकते हैं। उनका यह रिकॉर्ड भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक मील का पत्थर है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
सावन बरवाल की सफलता के पीछे एक लंबी और मेहनत भरी यात्रा रही है। सावन बरवाल पहली बार 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए, जब उन्होंने 2022 में 10000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। उसी साल उन्होंने गुजरात में आयोजित 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक 2023 में आया, जब उन्होंने दुबई में आयोजित 2023 दुबई में ब्रॉन्ज मेडल जीता। साल 2024 में सावन बरवाल ने फेडरेशन कप 2024 में 5000 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर अपना पहला राष्ट्रीय खिताब हासिल किया था।
2025 उनके करियर का सबसे शानदार साल साबित हुआ। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स 2025 में 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों में गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा, उन्होंने फेडरेशन कप 2025 में 10000 मीटर में गोल्ड हासिल किया। इसी साल उन्होंने भुवनेश्वर में 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। सावन बरवाल की यह लगातार मेहनत और उपलब्धियां दिखाती हैं कि उन्होंने धीरे-धीरे खुद को लंबी दूरी के एक मजबूत धावक के रूप में स्थापित किया है, और अब वे भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं।

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