नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 भारत के लिए हर मायनों में ख़ास होने जा रहा है। चाहे कूटनीति हो या विश्व स्तर पर आर्थिक रिश्तों के लिहाज से। इस बार गणतंत्र दिवस 2026 में चीफ गेस्ट के तौर पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को आमंत्रित किया गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा समारोह में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि जब ये दो शीर्ष नेता भारत आएंगे तो भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते और शिखर सम्मेलन भी आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है, जहां दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर जरूर चर्चाएं और संभावित समझौते पर फोकस रहेगा।
भारत और यूरोपीय संघ लंबे समय से एफटीए को लेकर चर्चा कर रही है। बिजनेस, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे विषयों पर यह समझौता दोनों पक्षों के लिए स्ट्रैटेजिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। अब गणतंत्र दिवस पर यूरोपियन यूनियन के दो शीर्ष नेताओं की मौजूदगी साफ इस बात की संकेत दे रही है कि यूरोपियन यूनियन भारत के साथ रिश्तों को महज कूटनीतिक लेवल पर नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी के नए लेवल पर ले जाना चाहते हैं।

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