नई दिल्ली । दिल्ली बम धमाके को लेकर फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी इन दिनों चर्चाओं में बनी हुई है. दिल्ली पुलिस ने इस धमाके को लेकर इस यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शाहीन सईद को हिरासत में लिया है.डॉ. शाहीन सईद को हिरासत में लेने के बाद इस यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक माहौल और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है . वहीं , आरोपित शिक्षिका, जिनका नाम बीते दिनों आतंकी जांच और अनुशासनहीनता से जोड़कर देखा गया, फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं और कई विभागीय बदलाव होने की सूचना है.
डॉ. शाहीन सईद ने 25 सितंबर को ब्रेजा कार (नंबर Hr 87U9988) अपने नाम से ली थी और उस कार का उपयोग वे खुद ही करती थीं. अपने आवास से लेकर डिपार्टमेंट तक आने-जाने के लिए वे हमेशा इसी गाड़ी से सफर करती थीं. उनके डिपार्टमेंट में प्लास्टिक के दीवारें थीं, जिनके कारण डिपार्टमेंट के दूसरे रूम तक आवाज जाती थी. इसी वजह से डॉ. शाहीन ने अपने लिए कॉलेज परिसर में एक अलग कमरा अपने लिए चुना, जिसे अब कॉलेज प्रशासन ने सील कर दिया है. उनके पास हमेशा तसबीह, हदीस की किताब रहती थी.
सूत्रों की मानें तो बीते दो महीनों में शाहीन सईद ने सिर्फ एक ही दिन क्लास ली थी. उनका कॉलेज की कोर कमेटी में भी सदस्यता थी, इसके बावजूद उनपर अनुशासनहीनता के कई आरोप लगाए गए. प्रिंसिपल को यह शिकायतें मिलती थीं कि वे क्लास लेने से इनकार करती हैं और कॉलेज के अनुशासन का पालन नहीं करती थीं. हालांकि, प्रशासन ने उनपर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की.
गिरफ्तारी के बाद, कॉलेज ने कश्मीर से आए एक नए प्रोफेसर को उनकी जगह नियुक्त किया है. छात्रों के साथ-साथ उनके परिवार में भी अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता है. बहुत सारे अभिभावक कॉलेज प्रशासन से लगातार संपर्क में बने हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य की रक्षा की जा सके. हालांकि कॉलेज प्रशासन ने शाहीन से पल्ला झाड़ लिया है. और देशविरोधियों के खिलाफ खड़े होने की बात की है.

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