नई दिल्ली । दिल्ली की तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। 12 अगस्त को हुई इस कार्रवाई में तीन जेल सुपरिटेंडेंट सहित 18 अफसर-कर्मचारियों को बदला गया है। इनमें जेल नंबर-8 में तैनात छह अधिकारी भी शामिल हैं। दिल्ली की तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। 12 अगस्त को हुई इस कार्रवाई में तीन जेल सुपरिटेंडेंट सहित 18 अफसर-कर्मचारियों को बदला गया है। इनमें जेल नंबर-8 में तैनात छह अधिकारी भी शामिल हैं, जहां हाल ही में कैदियों से मिलीभगत के आरोप में 9 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। सभी को अलग-अलग जेलों और केंद्रों में भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, सुपरिटेंडेंट ओम प्रकाश निमोरिया को जेल नंबर-2 से मुख्यालय भेजा गया है, जबकि मुख्यालय में तैनात प्रमोद कुमार गुप्ता को जेल नंबर-3 की कमान सौंपी गई है। पवन कुमार, जो जेल नंबर-3 में थे, अब जेल नंबर-2 का कार्यभार संभालेंगे। इसके अलावा तीन असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और तीन वार्डन का भी ट्रांसफर किया गया है। जेल नंबर-5 के वार्डन को लामपुर डिटेंशन सेंटर भेजा गया, जबकि मुख्यालय के सात कर्मचारियों में से पांच को जेल नंबर-8 और दो को जेल नंबर-5 में तैनात किया गया है। जेल सूत्र बताते हैं कि पिछले तीन महीनों में तिहाड़ में सौ से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर हो चुका है। आधिकारिक तौर पर इसे रुटीन प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे कैदियों से अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका प्रमुख कारण मानी जा रही है। तिहाड़ में लगातार मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान कैदियों के पास मिलने के साथ ही जेल के अंदर से गैंगस्टरों द्वारा हत्या और रंगदारी जैसे अपराधों का संचालन होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जांच में कई बार जेलकर्मियों की संलिप्तता उजागर हुई है। हालांकि बार-बार के ट्रांसफर और निलंबन के बावजूद इस मिलीभगत पर रोक लगना मुश्किल साबित हो रहा है।

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