नई दिल्ली, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि पूरी तरह से फ्री डिजिटल ट्रांजेक्शन का दौर जल्द ही समाप्त हो सकता है। यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के लगातार नए रिकार्ड बनाने के बावजूद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सिस्टम को वित्तीय रूप से टिकाऊ बनाने की जरूरत पर बल दिया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अभी यूपीआई पर कोई चार्ज नहीं लगता है। सरकार बैंकों और अन्य कंपनियों को सबसिडी दे रही है, ताकि यह सिस्टम मुफ्त रहे, लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं चल सकता।
यूपीआई को चलाने का जो खर्च आ रहा है, उसे किसी न किसी को तो देना होगा। लिहाजा यूपीआई पर चार्ज लगने की संभावना है। यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए आरबीआई गवर्नर का यह बयान बेहद अहम है। पिछले दो सालों में यूपीआई से होने वाले लेन-देन दोगुने हो गए हैं। अब रोजाना 60 करोड़ से ज्यादा लेन-देन हो रहे हैं।

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