आजकल दवाओं का खर्च घर के बजट पर अक्सर भारी पड़ जाता है. आइए आपको बताते हैं उन 10 बीमारियों के बारे में जिनकी सस्ती जेनरिक दवाएं आसपास के मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. हालांकि इन दवाओं के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह लेना अच्छा होता है.मेडिकल स्टोर पर मिल जाती हैं इन 10 बीमारियों की सस्ती जेनरिक दवाएं, करती हैं पूरा फायदाबदलता मौसम हो या खान-पान में परिवर्तन, लोगों की सेहत इनसे अछूती नहीं रह सकती है. अक्सर सर्दी-जुकाम से लेकर बुखार या दर्द तक छोटी-मोटी बीमारियां इंसान को शिकार बना ही लेती हैं. ऐसे में दवाओं का खर्च जेब पर काफी भारी पड़ जाता है. आज हम आपको 10 ऐसी बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी सस्ती जेनरिक दवाएं आसानी से आसपास के मेडिकल स्टोर पर मिल जाती हैं. ये जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड से 40 से 60 फीसदी तक सस्ती होती हैं,हालांकि इन दवाओं का इस्तेमाल किसी डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए. बुखार और शरीर में दर्द एक आम समस्या है, इसके लिए पैरासिटामोल डोलो और क्रोसिन नाम से बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है. पैरासिटामोल की जेनिरिक दवा इसी बीमारी की दूसरी ब्रांडेड दवाओं से करीब 70 से 90 फीसदी तक सस्ती होती है. बदलते मौसम में अक्सर लोग सर्दी-जुकाम के शिकार बन जाते हैं. इसके इलाज के लिए लिवोसिटिरीजिन दवा भी आसानी से मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध रहती है. बदलते लाइफस्टाइल की वजह से लोगों के खान-पान में बदलाव हो रहा है. ऐसे में लोगों को अक्सर एसिडिटी या पेट दर्द की शिकायत हो सकती है. इसके इलाज के लिए जेनेरिक नाम से पैंटोप्राजोल नाम की दवा बाजार में मौजूद है. ये दवा अक्सर पेट में जलन, गैस, एसिडिटी और अल्सर जैसी समस्या के लिए दी जा सकती है. इसी तरह पेट में गैस, जलन और अल्सर के लिए जेनरिक दवा ओमेप्राजोल दी जाती है.
बैक्टीरियल इंफेक्शन और गले में इंफेक्शन
संक्रमण की वजह से सर्दी, खांसी के साथ ही गले, कान, दांत और मूत्र में संक्रमण हो सकता है. इनके लिए डॉक्टर अक्सर अमोक्सिसिलिन दवा लिखते हैं. ये भी जेनरिक दवा है. जो आसपास के मेडिकल स्टोर में आसानी से मिल जाती है. Amoxicillin + Clavulanic Acid सॉल्ट के नाम से आती है. ब्रांडेड दवा की तुलना में काफी सस्ती है.
दस्त
दस्त की समस्या में आप जेनेरिक दवाLoperamide ले सकते हैं. इसकी डोज डॉक्टर की सलाह के हिसाब से लें.
एलर्जी और अस्थमा
एलर्जी, अस्थमा या सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर अक्सर मोंटेलुकास्ट दवा लिखते हैं.
डायबिटीज
टाइप-2 डायबिटीज के लिए डॉक्टर अक्सर मेटफॉर्मिन दवा लिखते हैं, ये भी जेनरिक दवा है और आसानी से मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध रहती है.
हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर और सीने के दर्द की शिकायत पर अक्सर डॉक्टर एम्लोडिपिन दवा लिखते हैं. ये भी ब्रांडेड की तुलना में सस्ती होती है.
कोलेस्ट्रॉल
कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल की बीमारियों से बचाव के लिए अक्सर एटोरवास्टेटिन दवा दी जाती है. ये जेनरिक दवा भी काफी कम कीमत पर असपास के मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध रहती है.
क्या होती हैं जेनरिक दवाएं?
बाजार में मौजूद जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं से करीब 50 से 90 तक सस्ती होती हैं. इन दवाओं में मौजूद सॉल्ट और इनका असर वैसा ही होता है, जैसा ब्रांडेड दवाओं का होता है. ये दवाएं पीएम जन औषधि केंद्रों के साथ ही आसपास के मेडिकल स्टोर पर भी मिल जाती हैं.
क्यों सस्ती होती हैं जेनरिक दवाएं?
दवाओं पर रिसर्च, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग का खर्च बहुत कम होता है. लिहाजा इन दवाओं की बाजार में कीमत काफी कम होती है. हालांकि इनमें मौजूद सॉल्ट और इनका असर ब्रांडेड दवाओं जैसा ही होता है. इनका असर भी वैसा ही होता है जैसा ब्रांडेड का होता है.

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