रांची। पॉक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग का यौन उत्पीड़न के आरोपित बबलू शर्मा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। वह पिछले साढ़े चार साल से जेल में बंद था।
गुरुवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार से बाहर निकलेगा। बचाव पक्ष के अधिवक्ता फणीनेश्वर नाथ नीलेश ने उसके बचाव में बहस की थी। वह दिसंबर 2020 से जेल में है।
झारखंड हाई कोर्ट ने भी दो बार जमानत देने से इनकार किया था। अधिवक्ता नीलेश ने बताया कि घटना को लेकर पीड़िता ने चुटिया थाना में दिसंबर 2020 में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड पर यह बात आई कि पीड़िता ने अपनी मां के कहने पर बबलू शर्मा के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था।
जिसमें कहा गया था कि मेरी मां से शादी का झांसा देकर साल 2018 से साथ रहा था। इसके बाद उसे छोड़ दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही पीड़िता का बयान अदालत में दर्ज किया गया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, उसकी मां और पिता की गवाही दर्ज कराई गई, लेकिन घटना को साबित करने में नाकाम रहे।

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