भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना झलकारी बाई के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अद्वितीय शौर्य, अदम्य साहस और अद्भुत पराक्रम का परिचय देते हुए मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए किया गया उनका त्याग व समर्पण चिरकाल तक वन्दनीय और स्मरणीय रहेगा।
वीरांगना झलकारी बाई, रानी लक्ष्मीबाई की नियमित सेना में महिला शाखा की सेनापति थी। रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल होने के कारण, शत्रु को गुमराह करने के लिए वे रानी के वेश में भी युद्ध करती थीं। वे रानी के वेश में युद्ध करते हुए 4 अप्रैल 1857 को वीर गति को प्राप्त हुईं। वीरांगना झलकारी बाई की गाथा आज भी बुंदेलखंड की लोक कथाओं और लोकगीतों में सुनी जा सकती है। केन्द्र सरकार ने 22 जुलाई 2001 को वीरांगना झलकारी बाई के सम्मान में डाक टिकट जारी किया। वीरांगना झलकारी बाई भारत की सबसे सम्मानित महिला सैनिकों में से एक हैं, जिन्होंने 1857 के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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