सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त को है और इस दिन भगवान शिव की पूजा ध्यान पूर्वक करें. भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और सुख सौभाग्य में वृद्धि के लिए भक्तों के पास यह आखिरी मौका है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार सावन के अंतिम सोमवार पर एक या दो नहीं बल्कि 5 शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. सावन सोमवार को ब्रह्म योग, इंद्र योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि नामक शुभ योग बन रहा है. साथ ही मिथुन राशि में गुरु और शुक्र ग्रह की युति से गजलक्ष्मी योग भी बन रहा है. इन शुभ योग में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से सभी दुख व परेशानियों से मुक्ति मिलती है लेकिन कुछ चीजों का विशेष ध्यान भी रखना पड़ता है. आइए जानते हैं सावन के अंतिम सोमवार पर शिवलिंग पर किन चीजों का अर्पित करने से बचें.
सावन के अंतिम सोमवार कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें
1- सावन के अंतिम सोमवार को शिव पूजन के समय काले व नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचें.
2- सावन के अंतिम सोमवार को अपशब्द और झूठ बोलने से बचें. किसी को कष्ट पहुंचाने से बचें और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर रखें.
3- सावन के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर तुलसी, सिंदूर, हल्दी, केतकी के फूल आदि चीजों को अर्पित करने से बचें.
4- सावन के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर शंख से जल अर्पित ना करें और ना ही नारियल अर्पित करें.
5- सावन के अंतिम सोमवार को दिन में सोने से बचें और रात के समय भजन कीर्तन अवश्य करें.
6- सावन के अंतिम सोमवार को घमंड या अहंकार करने से बचें और गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करें.
7- सावन के अंतिम सोमवार को प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा जैसे तामिसक भोजन से दूर रहें और सात्विक भोजन को अपनाएं.
लाल किताब की उपयोगी बातें
1- सावन के अंतिम सोमवार को सफेद वस्त्र पहनकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं.
2- प्रदोष काल के समय पीतल या तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करें.
3- कुंडली में कोई दोष या मानसिक तनाव हो, तो दूध में कपूर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पण करें.
सावन के अंतिम सोमवार करें ये उपाय
1– शाम को शिव-पार्वती का दीपक लगाकर पूजन करें. ‘हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रियाः। तथा मां कुरु कल्याणि कान्त कांता सुदुर्लभाम्॥’ मंत्र का जप करें.
2- रोग नाश के लिए काले तिल और जल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप करें.
3- ऋण और दरिद्रता मुक्ति के लिए साबुत चावल, सफेद कपड़ा और चांदी या चांदी रंग का सिक्का शिवलिंग पर चढ़ाएं.
4- राहु-केतु दोष शांति के लिए नारियल को सिर से 7 बार वारकर शिवलिंग पर अर्पण करें या नदी में प्रवाहित करें.

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