अहमदाबाद। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (एएमए) में आयोजित एक विशेष व्याख्यान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को देश के लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया का आधार स्तंभ बताया है। एएमए के 70वें वर्ष के जश्न के तहत “भारत में चुनाव संचालन – विश्व में सबसे बड़ा लोकतंत्र” विषय पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
मुख्य चुनाव आयुक्त के संबोधन की मुख्य बातें
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बीएलओ की भूमिका: ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ चुनाव आयोग और नागरिकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी तथा लोकतांत्रिक भागीदारी के राजदूत हैं। देश के लगभग 90 करोड़ मतदाताओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए 11 लाख से अधिक बीएलओ लगातार कार्यरत हैं।
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युवाओं को जोड़ें: उन्होंने बीएलओ से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्र में मतदाता सूची की जांच करें और जैसे ही युवा 18 वर्ष की आयु पूरी करें, उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। इसे उन्होंने देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी सेवा बताया।
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श्रेय और जवाबदेही: मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ की निष्ठा और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि यदि मतदाता सूची में कोई खामी रहती है, तो उसकी जिम्मेदारी परिवार के मुखिया के तौर पर उनकी (आयोग की) है, लेकिन यदि सूची शुद्ध और सही बनती है, तो उसका पूरा श्रेय बीएलओ को जाता है।
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प्रशिक्षण और डिजिटल माध्यम: आयोग के इस विशाल परिवार के साथ संवाद बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण, बैठकों और ईसीआई-नेट जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी संदीप सांगले ने भी बीएलओ को लोकतांत्रिक भागीदारी का राजदूत बताया। एएमए के अध्यक्ष राजीव गांधी और कार्यकारी निदेशक उन्मेश दीक्षित ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले चुनावों में गुजरात अधिक से अधिक मतदाताओं को जोड़कर देश के सामने एक नया उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

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