कई निजी कंपनियां अपने संस्थान में नौकरियां देने से पहले आवेदक की सोशल मीडिया प्रोफाइल भी चेक कर रही हैं। बायोडाटा से ज्यादा लिंक्डइन, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया से कंपनियां आवेदकों की योग्यता और व्यवहार का आंकलन कर रही हैं। इससे उनकी पेशेवर छवि, व्यक्तित्व, सोच, व्यवहार और टीम में काम करने की क्षमता का अंदाजा लगा रही हैं।
इस तरह हो प्रोफाइल
- लिंक्डइन, फेसबुक पर अपनी प्रोफेशनल फोटो लगाएं
- राजनीतिक या विवादास्पद टिप्पणियों से बचें
- स्किल्स, प्रोजेक्ट्स और उपलब्धियों को हाइलाइट करें
- व्याकरण की गलतियां न हों
- पिछली नौकरियों की जानकारी स्पष्ट रूप से दें।
इन पर नजर
- बैकग्राउंड चेक’ का अनौपचारिक जरिया।
- प्रोफेशनल फोटो-प्रोफाइल, ऑनलाइन व्यवहार, थॉट लीडरशिप परखते हैं।
- टीम वर्क स्किल्स, प्रोजेक्ट्स और उपलब्धियां देखते हैं।
70% कंपनियां चेक करती हैं प्रोफाइल
एक सर्वे के मुताबिक करीब 70 फीसदी कंपनियां नौकरी देने से पहले उमीदवार के सोशल मीडिया प्रोफाइल को चेक करती हैं। कंपनियां सोशल मीडिया प्रोफाइल और रिज्यूम का मिलान करती हैं। दोनों में भिन्नता होने पर नौकरी मिलने में मुश्किल हो सकती है।
प्रारंभिक मूल्यांकन का जरिया
एक कंपनी की पीआर ने बताया कि डिजिटल इरा में कंपनियां अब रिज्यूम तक सीमित नहीं हैं। गूगल सर्च के जरिए उमीदवार का प्रारंभिक मूल्यांकन कंपनियां कर रही हैं। सोशल मीडिया के एफबी, लिंक्डइन आदि प्लेटफार्मों पर प्रोफाइल अच्छी है तो उसके आधार पर जॉब ऑफर किया जा रहा है।

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