छत्तीसगढ़, तेलंगाना की सीमा पर 21 दिनों तक चलने वाले ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट अभियान में मारे गए 27 नक्सलियों के बाद से लाल आतंक में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए इस ऐतिहासिक अभियान का बदला लेने नक्सलियों की एक बार फिर कायराना करतूत सामने आई है।
दरअसल, दंतेवाड़ा के भोपालपटनम में बौखलाए नक्सली अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैंं। बता दें कि नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से तीन निर्दोष ग्रामीण घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ये ग्रामीण दम्पाया, एर्रागुफा पारा के निवासी हैं और काम से बंदेपारा जा रहे थे। तभी यह आईईडी के चपेट में आ गए घायलों को पैर और चेहरे में गंभीर चोटें आईं हैं।
सूचना मिलते ही एसडीओपी मयंक रणसिंह मौके पर एम्बुलेंस रवाना कर दी गई है ताकि घायलों को तत्काल ईलाज के लिए जिला अस्पताल रवाना कर दिया।
वहीं इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि प्रशासन द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में ग्रामीणों को कब तक सजा मिलती रहेगी? ग्रामीण कब तक नक्सलियों का निशाना बनते रहेंगे?

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