छतरपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो बालिग युवतियों (Two Adult Women) के आपस में विवाह करने का एक मामला सामने आया है जिसके कारण थाने में काफी हंगामा हुआ। सोनी और मोनी (परिवर्तित नाम) पिछले 5 साल से प्रेम संबंध में थीं। उन्होंने 12 तारीख को एक-दूसरे से शादी कर ली। जब जानकारी परिजनों को मिली तो उन्होंने विरोध किया। एक परिवार ने अपनी लड़की मोनी को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की जिससे थाने में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों से सलाह ले रही है।
5 साल से प्रेम संबंध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनी रैकवार और मोनी कुशवाहा के बीच पिछले करीब 5 साल से प्रेम संबंध था। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने का मन बना रही थीं। सोनी ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे दोनों बालिग हैं और पूरी समझ-बूझ के साथ अपना जीवन एक-दूसरे के साथ बिताना चाहती हैं।
परिजनों का विरोध
सोनी के अनुसार, 12 तारीख को दोनों युवतियां एक धाम पहुंचीं जहां उन्होंने अपनी आपसी सहमति से विवाह कर लिया। शादी करने के बाद वे दोनों साथ रहने लगीं लेकिन जैसे ही इस विवाह की जानकारी मोनी के परिवार वालों को मिली तो उन्होंने रिश्ते का कड़ा विरोध किया।
मोनी को घर ले जाने पर अड़े थे परिजन
सोनी का आरोप है कि मोनी के परिवार वाले उसे जबरन घर ले जाने के इरादे से सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर थाने के अंदर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसने देखते ही देखते हंगामे का रूप ले लिया।
युवतियां साथ रहने पर अड़ीं
सूत्रों के अनुसार, परिजन रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं जबकि दोनों युवतियां अपनी मर्जी से साथ रहने की बात पर अड़ी हुई हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों युवतियों को थाने में बैठाया और उनके परिवार वालों को समझाने की कोशिश की।
मोनी को ले गए परिजन, मार्गदर्शन ले रही पुलिस
पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रहने की बात कह रही हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने लड़की मोनी को उसके परिजनों के साथ भेजा है। वहीं समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी पहलुओं पर पूरी स्पष्टता नहीं होने के कारण पुलिस उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रही है ताकि कानून सम्मत निर्णय लिया जा सके।

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