रायपुर|छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के 6वें दिन शून्य काल के दौरान विपक्ष ने दुर्ग में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का मुद्दा उठाया. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही कांग्रेस ने सरकार पर ‘धान के कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की बात कही. पूरे मामले पर सदन में सत्ता पक्ष ओर विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ|
सदन में गूंजा दुर्ग में अफीम की खेती का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा- छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने का विषय है. राजधानी से 50 किलोमीटर की दूरी पर विनायक ताम्रकार अफीम की खेती कर रहा है. कलेक्टर का बयान है कि वह अपनी निजी जमीन पर खेती कर रहा है. उस व्यक्ति को सरकार बचा रही है. आपराधिक षड्यंत्र कर उसे बचाया जा रहा है. पूरा छत्तीसगढ़ सूखे नशे से बर्बाद हो रहा है. हमे लगता है कि जिस तरह से किसानों से धान नहीं खरीदा गया है उसकी जगह सरकार अब अफीम की खेती को बढ़ाना चाहती है|
‘धान का कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने का लगाया आरोप
सरकार सूखे नशे को बढ़ावा देना चाहती दिख रही है. यह एक संगठित अपराध है. राजनीतिक व्यक्तियों के ज़रिए ये अपराध कराया जा रहा है. धान के कटोरे को अफीम का कटोरा बनाया जा रहा है. पटवारी से लेकर मुख्यमंत्री तक जिम्मेदार हैं. शासन प्रशासन की मदद के बिना अफीम की खेती नहीं की जा सकती थी. बाउंसर नियुक्त किया गया था. गांव वालों को फॉर्म हाउस के नजदीक आने नहीं दिया जाता था. छत्तीसगढ़ मादक पदार्थ की तस्करी का कॉरिडोर बन गया है|
अजय चंद्राकर ने जताई आपत्ति
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री का नाम लेने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि मेरा आरोप है कि इसमें कांग्रेस शामिल है. अफीम की खेती एक दो साल से नहीं चल रही है. जहां खेती हो रही थी उसके 40 किलोमीटर के दायरे में पाटन विधानसभा है. जहां खेती हो रही है उसके 4 किलोमीटर में दायरे में पिछली सरकार के एक मंत्री का घर है. उन्हें कैसे पता नहीं चला. कांग्रेस पार्टी नशे के बारे में हमे सिखाएगी|
भूपेश बघेल ने भी बोला हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- ये होली के ठीक पहले की घटना है. गाँव के लोग होलिकादहन की लकड़ी इकट्ठी करने गए थे. सरपंच ने बताया कि होली थी इसलिए उस दिन सूचना नहीं दी. होली के बाद पुलिस को सूचना दी गई. कलेक्टर कह रहे हैं कि विनायक ताम्रकार का खेत है लेकिन एफआईआर में विनायक को मुख्य आरोपी नहीं बनाया गया है. उसके नौकर को मुख्य आरोपी बना दिया गया है. उसे सत्ता का संरक्षण है. उसे बचाने के लिए षड्यंत्र किया गया है. नौकर और राजस्थान के दो मजदूरों का नाम एफआईआर में पहले दर्ज है और उसके बाद विनायक का नाम लिखा गया है. सत्ता के संरक्षण में उसे बचाया जा रहा है|
गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया जवाब
दुर्ग पुलिस को 6 मार्च को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी. किसी सरपंच से ऐसी सूचना नहीं मिली थी. सूचना मिली थी कि अवैध रूप से समोद गांव के फॉर्म हाउस में अफीम की खेती की जा रही है. तत्काल वाहन टीम पहुंची. एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाई की गई. दूसरे दिन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जप्ती की कार्रवाई की गई. दोषियों को मौके से ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. 6 हज़ार 242 किलोग्राम अफीम जप्त की गई थी. बीते दो साल में दो हज़ार से ज़्यादा प्रकरण में से पाँच हज़ार से ज़्यादा आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है|

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