भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है. विधानसभा में पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे को घेरने के लिए पूरे तैयारी की है. दोनों दलों के सदस्यों ने 3478 सवाल लगाए हैं, इनमें से 2253 सवाल विधायकों ने ऑनलाइन पूछे हैं. विधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियां पेश करेंगे. मध्य प्रदेश सरकार का बजट उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे. मध्य प्रदेश सरकार इस बार 4.85 लाख करोड़ का बजट पेश कर सकती है.
हंगामेदार रहेगा विधानसभा का सत्र
16 फरवरी से शुरू होने जा रहा बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं. करीब 19 दिन चलने वाले बजट सत्र को लेकर विधायकों ने 3478 सवाल लगाए हैं. इसमें से 2253 सवाल ऑनलाइन और 1225 सवाल ऑफलाइन पूछे गए हैं. विधायकों ने 192 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की सूचनाएं भी दी हैं
विपक्ष की तरफ से 8 स्थगन प्रस्ताव भी भेजे गए हैं. स्थगन प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस सरकार को घेरेगी. सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर तीखी बहस भी हो सकती है. कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी. इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है.
16 फरवरी को बुलाई विपक्षी दल की बैठक
विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने 16 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी. साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा.
18 फरवरी को पेश होगा मध्य प्रदेश का बजट
उधर राज्य सरकार 18 फरवरी को प्रदेश का बजट पेश करेगी. इस बार प्रदेश का बजट 4.85 लाख करोड़ का हो सकता है. उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे. इस बार बजट में विधायकों को बजट की किताबें नहीं मिलेंगी. इसके स्थान पर उन्हें टेबलेट दिया जाएगा, इसमें बजट की पूरी सामग्री मौजूद होगी. बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार कई विधेयकों को भी पेश करेगी.
- बजट सत्र में आधा दर्जन से ज्यादा विधेयक पेश किए जाएंगे, इसमें तीन विधेयक श्रम विभाग से जुड़े हैं, जबकि दो विधेयक विधि विभाग और दो वित्त विभाग से संबंधित हैं.
- विधानसभा में विधायकों के वेतन और भत्तों से जुड़ा विधेयक भी सदन में लाया जा सकता है.
- राज्य सरकार श्रम विभाग से जुड़े दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन कर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुकानों और प्रतिष्ठिनों को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति दे सकती है. इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

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