सतना: राज्य शिक्षक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षक और शिक्षिकाएं ई अटेंडेंस के विरोध में रविवार को सतना की सड़कों पर उतरे. धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ई-अटेंडेंस ऐप को बंद करने की मांग की है. साथ ही कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में भोपाल के अंबेडकर पार्क में शिक्षक कूच करेंगे.
ई-अटेंडेंस ऐप के विरोध में टीचर्स
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति के लिए ई-अटेंडेंस एप जारी किया है. जिसमें शिक्षकों को मोबाइल डिवाइस में लोकेशन एवं इंटरनेट की सुविधा साथ रखने के लिए कहा गया. किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए शिक्षक स्वयं उत्तरदायी माने जाएंगे. इसके विरोध में सतना और मैहर के हजारों शिक्षक रविवार को सड़कों पर उतरे. दोनों जिलों के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने सतना के सिविल लाइन चौपाटी के बाहर सड़कों पर बैठकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया.
नहीं हुई सुनवाई तो दिल्ली करेंगे कूच
इस पर राज्य शिक्षक संघ के प्रांत उपाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी का कहना है, "सरकार द्वारा चालू किए गए ई अटेंडेंस से टीचर बहुत परेशान हो रहे हैं. जिसके चलते शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है. इस ऐप में अपनी उपस्थिति जारी करने के लिए शिक्षक विद्यालय के समय में मोबाइल में लगे रहते हैं, जिससे कि शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह परेशानी सबसे ज्यादा ग्रामीण अंचल में सामने आती है. इसके विरोध में रविवार को हम सब शिक्षक एवं मातृ शक्तियों ने शांतिपूर्ण ढंग से इस निजी ऐप को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है. अगर सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करेगी तो आने वाले दिनों में हम भोपाल के अंबेडकर पार्क में धरना देंगे. अगर फिर भी सुनवाई नहीं हुई, तो दिल्ली भी जाएंगे."
ऐप बंद कराने के लिए बजा देंगे ईंट से ईंट
शिक्षिका आभा तिवारी ने बताया कि "यह शासन द्वारा जबरदस्ती एक ई अटेंडेंस का ऐप चालू किया गया है. इसका हम सभी लोग विरोध कर रहे हैं. क्योंकि यह एक अव्यवहारिक ऐप है. इसमें तरह-तरह की समस्याएं हैं. शिक्षक जब विद्यालय जाता है, तो पूरा दिन मोबाइल फोन में ही लगा रहता है. जिस वजह से बच्चों की सहीं ढंग से पढ़ाई नहीं हो पाती है. हमारा अगला कार्यक्रम भोपाल में धरना देने का है. वहां भी बात नहीं बनी तो दिल्ली भी जाएंगे. इस ऐप को बंद कराने के लिए हम ईंट से ईंट से बजाने का काम करेंगे.

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