कानपुर। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कानपुर के प्रसिद्ध बुद्धा पार्क में शिवालय पार्क बनाने के विवादित प्रस्ताव को रद्द करने की खबर का स्वागत किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि भविष्य में सरकार इस तरह के विवादास्पद कदमों को रोकने के लिए सख्ती बरतेगी। मायावती ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम सामाजिक शांति, भाईचारा और सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
मायावती ने अपने बयान में कहा, भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग अपने-अपने पूजा स्थलों के साथ सह-अस्तित्व में रहते हैं। बुद्धा पार्क बौद्ध धर्म और अम्बेडकरवादी विचारधारा के लिए महत्वपूर्ण है। इस पवित्र स्थल पर किसी अन्य धर्म के पूजा स्थल का निर्माण प्रस्तावित करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह सामाजिक अशांति और घृणा को बढ़ावा दे सकता है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान में कहा कि यूपी सरकार ने बुद्धा पार्क में शिवालय पार्क बनाने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है, जिसका वह स्वागत करती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि भविष्य में इस तरह के षड्यंत्रों को गंभीरता से लिया जाए और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। मायावती ने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार आगे भी इस तरह के विवादों को रोकने के लिए तत्पर रहेगी ताकि समाज में शांति, व्यवस्था और भाईचारा कायम रहे। मायावती ने अपने बयान में भारत के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश की धर्मनिरपेक्षता विभिन्न धर्मों और जातियों के सह-अस्तित्व पर आधारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बुद्धा पार्क जैसे स्थल बौद्ध धर्म और अम्बेडकरवादी विचारधारा के लिए पवित्र हैं, और इनका सम्मान करना हर सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने सरकार से तत्काल इस तरह के प्रस्तावों को रोकने की मांग की थी, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया।

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