Sindhu River Water come Rajasthan: सिंधु जल समझौता निलंबित (Indus Water Treaty Suspended) करने के बाद पश्चिमी नदियों (झेलम-चिनाब-सिंधु) से पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोककर सिंधु-चिनाब का पानी राजस्थान तक लाने के लिए तेजी से काम शुरू हो गया है। अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की इस घोषणा ने इस खबर पर औपचारिक तौर पर मोहर लगा दी है। जलशक्ति मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार ने चिनाब, रावी, व्यास और सतलज लिंक नहर परियोजना के निर्माण के लिए पूर्व संभाव्यता (प्री-फिजिबिलिटी) अध्ययन शुरू कर दिया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के पंचवटी में शनिवार को भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में पहले दिन सांसद और विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि तीन साल में सिंधु के जल को नहरों से राजस्थान के श्रीगंगानगर तक लाया जाएगा। इससे राजस्थान के बड़े भू-भाग में सिंचाई की सुविधा मिलेगी और पाकिस्तान बूंद-बूंद के लिए तरसेगा।
200 किलोमीटर लंबी नहरें और 12 सुरंग
प्रारंभिक आंकलन के अनुसार, 200 किलोमीटर लंबी नहरें और 12 सुरंगें बनाकर पश्चिमी नदियों के पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने सिंधु नदी बेसिन से जुड़े सभी प्रोजेक्ट को तेजी से मंजूरी देने का फैसला किया है। जल्द से जल्द पर्यावरण मंजूरी देने की बात कही गई है। सिंगल विंडो सिस्टम पर काम हो रहा है। सिंधु नदी बेसिन से जुड़े एक-एक प्रोजेक्ट पर भारत आगे बढ़ेगा और पाकिस्तान की हलक सूखते चले जाएंगे।

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