January 15, 2026

सवाई माधोपुर: स्कूल में मीट पकाने का विवाद, हेडमास्टर सस्पेंड

उदयपुर|राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सरकारी स्कूल की रसोई में मीट और टिक्कड़ बनवाने के आरोपों में घिरे हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।यह मामला गंगापुर सिटी तहसील के राजकीय प्राथमिक स्कूल तालाब की ढाणी, हिंगोटा का है। आरोप है कि स्कूल के हेडमास्टर अमर सिंह मीणा ने सोमवार को बिना किसी ठोस कारण के स्कूल की छुट्टी कर दी और स्कूल की रसोई में मीट व टिक्कड़ बनवाए। इस दौरान बच्चों को छुट्टी देकर स्कूल का मुख्य गेट अंदर से बंद कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब वे स्कूल पहुंचे तो हेडमास्टर धूप में कुर्सी डालकर बैठा था और नशे की हालत में नजर आया।घटना का वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया। सवाई माधोपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक शिक्षा देवीलाल मीणा ने प्रारंभिक जांच में हेडमास्टर की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान अमर सिंह मीणा का मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा सवाई माधोपुर निर्धारित किया गया है।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित

मामले की विस्तृत जांच के लिए शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी में विजय सांखला (प्रधानाध्यापक, हिंगोटिया), जितेंद्र लोढ़ा (प्रधानाध्यापक, महात्मा गांधी सरकारी स्कूल सापेरा बस्ती) और कपिल शर्मा (प्रधानाध्यापक, रेती स्कूल) को शामिल किया गया है।जांच कमेटी मंगलवार को स्कूल पहुंची और रसोई सहित पूरे परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने ग्रामीणों, हेडमास्टर, रसोइए और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। कमेटी ने मौके से साक्ष्य भी जुटाए हैं और जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रसोई में मीट की जगह आलू-गोभी

जांच के दौरान स्कूल की रसोई में मीट की जगह आलू-गोभी की सब्जी रखी मिली। रसोइए से पूछताछ में उसने दावा किया कि सोमवार को भी यही सब्जी बनाई गई थी। वीडियो में दिख रही कथित नॉनवेज सामग्री के बारे में पूछे जाने पर रसोइया अपनी बात पर अड़ा रहा और किसी अन्य सब्जी या मीट से इनकार किया।

हेडमास्टर का पक्ष

हेडमास्टर अमर सिंह मीणा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्कूल की छुट्टी नहीं की गई थी। उनके अनुसार, गांव में रामलीला चल रही थी और एक परिवार ने बच्चों को खाना दिया था, जिसके लिए बच्चे वहां गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि रसोई में क्या बन रहा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी क्योंकि वे अंदर गए ही नहीं। हेडमास्टर ने यह भी कहा कि मनरेगा कार्य का निरीक्षण करने आई एक महिला कर्मचारी से कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद मामला बढ़ा।

रसोइए का बयान

रसोइए इंद्रराज ने जांच टीम को बताया कि उसे सोमवार को आलू-गोभी की सब्जी और टिक्कड़ बनाने के लिए बुलाया गया था। उसने कहा कि रसोई में वही सब्जी रखी हुई है और दूसरी कोई सब्जी नहीं थी। उसका यह भी कहना है कि अंधेरा होने के कारण उसे कोई दूसरी सामग्री दिखाई नहीं दी।

ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीण सीताराम गुर्जर सहित कई ग्रामीणों ने हेडमास्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय से पहले स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी और स्कूल का मुख्य गेट अंदर से बंद था। ग्रामीणों के अनुसार, हेडमास्टर नशे की हालत में था और रसोइए से नॉनवेज बनवा रहा था।ग्रामीणों ने इसे शिक्षक समाज और शिक्षा व्यवस्था पर कलंक बताते हुए हेडमास्टर को बर्खास्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है और यदि शिक्षक ही इस तरह का कृत्य करेगा तो चरित्रवान विद्यार्थियों के निर्माण की कल्पना संभव नहीं है।