नई दिल्ली । महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लिए ‘एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ यानी ईएसए पहल सिर्फ इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़ा एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि एक बेहद भावनात्मक और व्यक्तिगत पहल है। मुंबई इंडियंस के वार्षिक ईएसए मैच से पहले सचिन ने अपने बचपन की एक खास याद साझा करते हुए बताया कि कैसे वानखेड़े स्टेडियम में बिताए गए कुछ पल आज भी उनके दिल में बसे हुए हैं। उनका मानना है कि इस बार मैच देखने आने वाले हजारों बच्चों के लिए भी यह अनुभव जीवनभर यादगार रहने वाला है।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि वानखेड़े स्टेडियम में होने वाला ईएसए मैच हमेशा बेहद खास होता है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक बड़े-बड़े मुकाबले खेलने के बाद खिलाड़ी विशाल भीड़ के सामने खेलने के आदी हो जाते हैं, लेकिन जब हजारों बच्चे स्टैंड में बैठकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं, तो वह अनुभव बिल्कुल अलग होता है। सचिन के अनुसार खिलाड़ियों के लिए भी यह बेहद भावुक और प्रेरणादायक माहौल होता है।
रविवार को जब मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होंगी, तब वानखेड़े स्टेडियम सिर्फ क्रिकेट का मैदान नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के सपनों और खुशियों का केंद्र बन जाएगा। रिलायंस फाउंडेशन की ईएसए पहल के तहत मुंबई, महाराष्ट्र और गुजरात के पिछड़े इलाकों, आदिवासी क्षेत्रों, गांवों और विशेष जरूरतों वाले स्कूलों से 20 हजार से ज्यादा बच्चों को मैच देखने के लिए लाया जाएगा। इस पहल की शुरुआत नीता अंबानी ने की थी, जिसका उद्देश्य शिक्षा और खेल के जरिए बच्चों को प्रेरित करना है। इस बार पहली बार नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के 100 दृष्टिहीन बच्चे भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। वे अपने साथियों के साथ स्टेडियम में बैठकर मैच का अनुभव करेंगे। सचिन तेंदुलकर ने इस मौके पर 1983 की एक याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब वेस्टइंडीज की दिग्गज टीम भारत दौरे पर आई थी, तब वह वानखेड़े स्टेडियम के नॉर्थ स्टैंड में बैठकर भारतीय टीम का समर्थन कर रहे थे। सचिन ने कहा कि वह अनुभव आज भी उनके दिल में ताजा है और उन्हें विश्वास है कि आज स्टेडियम में आने वाले बच्चों के साथ भी ऐसी ही यादें जीवनभर रहेंगी।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं और आज यदि हम उनके लिए कुछ बेहतर कर सकते हैं, तो उसका सकारात्मक असर आने वाले समय में पूरे देश पर दिखाई देगा। उन्होंने सभी से बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनका समर्थन करने की अपील की। बच्चों के लिए इस विशेष आयोजन को यादगार बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। आयोजन में 500 से अधिक बसों, 2000 वॉलंटियर्स, पुलिसकर्मियों, मेडिकल टीमों और एक लाख से ज्यादा फूड बॉक्स की व्यवस्था की गई है, ताकि हर बच्चा इस दिन को जिंदगीभर याद रख सके।

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