नई दिल्ली
रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो अब पड़ोसी देश श्रीलंका में भी विस्तार करना चाहती है। दरअसल, रिलायंस जियो ने टेलीकॉम कंपनी श्रीलंका टेलीकॉम PLC में हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई है। यह श्रीलंका सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है। बता दें कि आर्थिक संकट की वजह से श्रीलंका सरकार स्वामित्व वाली कंपनियों के निजीकरण पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में पिछले साल 10 नवंबर से श्रीलंका टेलीकॉम PLC के लिए संभावित निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे।
तीन कंपनियां रेस में
मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक श्रीलंकाई सरकार ने बताया है कि तीन निवेशकों ने सरकारी टेलीकॉम कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। ये तीन निवेशक-Jio प्लेटफॉर्म, गोर्ट्यून इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड और पेटीगो कॉमर्सियो इंटरनेशनल LDA हैं। सरकार की ओर से इन्हें संभावित बोलीदाताओं के रूप में नॉमिनेट किया गया है।
PLC में किसकी कितनी हिस्सेदारी
वर्तमान में श्रीलंका के ट्रेजरी सचिव के पास श्रीलंका टेलीकॉम PLC में 49.5 प्रतिशत की नियंत्रण हिस्सेदारी है। वहीं, एम्स्टर्डम स्थित ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशंस होल्डिंग्स के पास 44.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। हालांकि, अब श्रीलंका सरकार की इस टेलीकॉम कंपनी में हिस्सेदारी की बिक्री काफी अहम है क्योंकि देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। श्रीलंकाई सरकार पूंजी जुटाने और स्किल बढ़ाने के लिए अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों का निजीकरण करना चाह रही है।
जियो की वैल्यूएशन
ब्रोकरेज कंपनी BofA ने मुकेश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 107 अरब डॉलर आंकी है। BofA ने एक नोट में कहा कि उसे उम्मीद है कि जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल अपने अपग्रेडेड फीचर फोन जियोभारत और वायरलेस ब्रॉडबैंड डिवाइस जियोएयरफाइबर के साथ गहरी पैठ बनाते हुए ग्राहकों को जोड़ना जारी रखेगा। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के मुताबिक जियो ने अक्टूबर 2023 में 31.59 लाख मोबाइल यूजर्स जोड़े। इस वृद्धि के साथ जियो की कुल वायरलेस ग्राहकों की संख्या अक्टूबर में बढ़कर 45.23 करोड़ हो गई, जो एक महीने पहले 44.92 करोड़ थी।

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