राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष का कार्यभार अस्थायी तौर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका को सौंपने के 5 फरवरी के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही राज्य सरकार को बाल संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत किसी अन्य व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त करने की छूट दी।
न्यायाधीश सुदेश बंसल ने आयोग सदस्य संगीता बेनीवाल की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री और प्रमुख सचिव तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रमुख सचिव की कमेटी की सिफारिश पर आयोग अध्यक्ष का पद भरा जाता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी आयोग अध्यक्ष के चयन की कमेटी में शामिल हैं।
इसके बावजूद विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका को अध्यक्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया। अधिवक्ता सत्यपाल चांदोलिया ने कोर्ट को बताया कि संगीता बेनीवाल के इस्तीफा देने से आयोग अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया। राज्य सरकार ने 5 फरवरी को इस पद का कार्यभार आइएएस कुलदीप रांका को सौंप दिया, जबकि आयोग अध्यक्ष का कार्यभार किसी आइएएस अधिकारी को सौंपने का कोई प्रावधान ही नहीं है। अध्यक्ष पद खाली होने पर राज्य सरकार की ओर से उसका कार्यभार सौंपा जाता है।

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