नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी गुरुवार को मीडियाकर्मियों के एक वर्ग पर अपना आपा खो बैठे, जब उन्होंने बजट सत्र के दौरान सत्ताधारी दल द्वारा उनके खिलाफ संभावित विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) को लेकर सवाल पूछा. राहुल ने पत्रकारों पर तंज कसते हुए पूछा, "क्या आपको आज के लिए यह कोड वर्ड दिया गया है?" उन्होंने मीडिया से अपने काम में निष्पक्ष रहने और अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने को कहा.
बुधवार 11 फरवरी 2026 को राहुल गांधी ने लोकसभा में एक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ बड़े उद्योगपतियों के बीच कथित संबंधों का जिक्र किया था. उन्होंने कुछ आरोप लगाए थे. इसको लेकर काफी विवाद हुआ. पहले यह कहा जा रहा था कि सत्ता पक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाएगी.
हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि सत्तापक्ष उनके खिलाफ कोई प्रस्ताव ला रहा है या नहीं. सरकार के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि विशेषाधिकार प्रस्ताव की संभावना कम है. यह जानकारी आयी कि सरकार ने फैसला किया कि राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन नहीं लाया जाएग, बल्कि उनके भाषण के कुछ शब्दों/लाइनों को संसद की रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा, क्योंकि वे बिना प्रमाण के थे.
गुरुवार 12 फरवरी को जब राहुल संसद परिसर के बाहर अपनी कार की ओर जा रहे थे, तो पत्रकारों ने उनके खिलाफ संभावित विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए उन्हें घेर लिया. इस बात से वे स्पष्ट रूप से भड़क गए और पत्रकारों से पूछा, "क्या आज के लिए 'विशेषाधिकार' कोड वर्ड है? क्या आज के लिए आपको यह शब्द दिया गया है?"
पत्रकारों पर और हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "कल शब्द 'प्रमाणीकरण' था, आज यह 'विशेषाधिकार' है. आपको कुछ निष्पक्ष काम करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा, "आप जिम्मेदार लोग हैं, आप मीडिया के लोग हैं, आपकी जिम्मेदारी निष्पक्ष रहने की है. आप इस देश का अहित कर रहे हैं. क्या आप इसे पहचान नहीं पा रहे हैं?"

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