बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का यह बयान हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में मीडिया से बात कर उन्होंने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट की, बल्कि कर्नाटक की राजनीति में चल रही उथल-पुथल पर भी अपनी राय रखी। शिवकुमार ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में देखा जा रहा था।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रियंका गांधी का एकमात्र उद्देश्य अपने भाई राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। शिवकुमार ने कहा कि उनके लिए मल्लिकार्जुन खड़गे (एआईसीसी अध्यक्ष) ही सर्वोच्च नेता हैं और राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में पार्टी का मुख्य चेहरा हैं।
दरअसल यह स्पष्टीकरण रॉबर्ट वाड्रा के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा की नेतृत्व क्षमता की तारीफ कर उनके राजनीति में उज्ज्वल भविष्य की बात की थी, जिससे नेतृत्व को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
वहीं पिछले कुछ समय से कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के सत्ता हस्तांतरण के समझौते की खबरें आ रही थीं। इस विवाद पर शिवकुमार ने कहा कि वर्तमान में नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, मैं उपमुख्यमंत्री के रूप में खुश हूं और मुझे एक पार्टी कार्यकर्ता बने रहना पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतृत्व को लेकर कोई भी निर्णय लेना पूरी तरह से कांग्रेस आलाकमान का अधिकार है और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह उन्हें स्वीकार होगा।
डीके का यह बयान कांग्रेस के भीतर एकता दिखाने और नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने की एक कोशिश है। विशेष रूप से प्रियंका गांधी को लेकर उनके बयान ने यह संदेश दिया है कि परिवार के भीतर और पार्टी में राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बने हुए हैं।

More Stories
Nitish Kumar ने फेसबुक पोस्ट कर दी जानकारी, राज्यसभा जाने का किया ऐलान
नहीं चली Aaditya Thackeray की, राज्यसभा जाएंगे Sharad Pawar
पीएम मोदी ने राजनीतिक और नैतिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया: Mallikarjun Kharge का बड़ा आरोप