जयपुर। राजस्थान की राजधानी के व्यस्ततम त्रिपोलिया गेट इलाके में एक सड़क हादसे के बाद कार चालक के साथ सरेराह मारपीट करने और उसे जबरन अगवा करने की कोशिश का एक बेहद सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस खौफनाक वारदात के बाद डरे-सहमे पीड़ित ने तुरंत अशोक नगर थाना पुलिस की शरण ली। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है और हमलावरों तक पहुंचने के लिए इलाके में लगे तमाम सर्विलांस व सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।
कार से बाइक टकराने के बाद गाड़ी ठीक कराने का दिया झांसा
मामले की बारीकी से जांच कर रहे हेड कॉन्स्टेबल कुलदीप ने बताया कि पीड़ित सतीश सामरिया ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक, सोमवार की सुबह तकरीबन 11 बजे वे अपनी निजी कार में सवार होकर त्रिपोलिया गेट के पास से निकल रहे थे। इसी दौरान लापरवाही से आ रहे बाइक सवारों ने उनकी कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद बाइक सवार युवकों ने विवाद खड़ा करने के बजाय बेहद शालीनता दिखाई और कार की मरम्मत का पूरा खर्च उठाने का भरोसा देकर उन्हें अपने साथ चलने को राजी कर लिया।
गैराज ले जाकर साथियों को बुलाया और किया जानलेवा हमला
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, शातिर बाइक सवार सतीश को अपनी बातों में उलझाकर 22 गोदाम इलाके के पास स्थित एक ऑटो गैराज पर ले गए। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाया और फोन कर अपने कुछ अन्य दबंग साथियों को मौके पर बुला लिया। बदमाशों ने एकजुट होकर कार चालक सतीश पर लात-घूसों से हमला कर दिया और उन्हें लहूलुहान कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट करने के बाद आरोपियों ने उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में ठूंसकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने यानी अपहरण करने का पूरा प्रयास किया।
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर भागे पीड़ित और सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
गैराज के आसपास अचानक मचे शोर-शराबे और स्थानीय लोगों की बढ़ती आवाजाही को देखकर बदमाश घबरा गए। इसी आपाधापी का फायदा उठाकर पीड़ित सतीश किसी तरह बदमाशों के चंगुल से खुद को छुड़ाकर भागने में कामयाब रहे और सीधे अशोक नगर थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर गैराज संचालक और वहां मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस इस बिंदु पर भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह केवल एक्सीडेंट के बाद उपजा तात्कालिक विवाद था या फिर चालक को बंधक बनाकर फिरौती वसूलने की कोई सोची-समझी साजिश थी।

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