पूर्व थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर चल रहे विवाद के बीच पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से एक और बयान जारी किया गया है। पब्लिशर ने मंगलवार को कहा कि किसी किताब या उसके प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होने की घोषणा को पब्लिकेशन नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ पब्लिकेशन हाउस ने कहा है कि प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध किताब और पब्लिश हुई किताब एक ही बात नहीं हैं।

More Stories
इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता
SIR: आज खत्म हो रही समयसीमा, 17 फरवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
बारामती विमान हादसे के बाद केंद्र सख्त, 400 से अधिक अनियंत्रित हवाई पट्टियों की जांच के आदेश