भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा तलाक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बुधवार को आरा सिविल कोर्ट के कुटुंब न्यायालय में सुलह (रिकॉन्सिलिएशन) की सुनवाई हुई, जहां ज्योति सिंह भावुक होकर रो पड़ीं।
जज से क्या बोली ज्योति सिंह?
कोर्ट में ज्योति सिंह ने जज से कहा "जज साहब, मेरी शादी को 7 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक मुझे न तो पति का प्यार मिला और न ही भरण-पोषण का कोई खर्च। मैं पवन सिंह के साथ रहना चाहती हूं। मेरा दर्द नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर वे साथ नहीं रहना चाहते, तो मुझे 10 करोड़ रुपये मेंटेनेंस दिए जाएं।"
ज्योति सिंह के वकील ने की मीडिया से बातचीत
यह बयान ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय ने मीडिया को बताया। ज्योति सिंह ने कोर्ट परिसर में पवन सिंह का लंबा इंतजार किया, लेकिन पवन सिंह नहीं पहुंचे। उनके वकील ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया (कुछ रिपोर्ट्स में अस्पताल में भर्ती होने की बात कही गई)। भावुक अवस्था में ज्योति सिंह कोर्ट से बाहर निकलीं।
क्या है पूरा मामला?
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 7 मार्च 2018 को बलिया (उत्तर प्रदेश) में बड़े धूमधाम से हुई थी। शादी के कुछ साल बाद अक्टूबर 2021 में पवन सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की, और यह मामला मई 2022 से आरा कोर्ट में चल रहा है। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें शादी के बाद नशे की हालत में मारपीट करना, गाली-गलौज करना, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देना और दो बार जबरन गर्भपात कराने का आरोप शामिल है। साथ ही ज्योति सिंह ने कोर्ट में अंतरिम भरण-पोषण की मांग भी की है। बता दें कि पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह ने वर्ष 2015 में सुसाइड कर लिया था।
सुलह की कोशिश जारी
कोर्ट अभी भी दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहा है। अगर समझौता नहीं हुआ, तो तलाक और मेंटेनेंस पर विस्तृत सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत दोनों की आर्थिक स्थिति, वैवाहिक परिस्थितियों और आरोपों को देखकर फैसला लेगी।
अगली सुनवाई
अगली तारीख 24 फरवरी 2026 तय हुई है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज है, जहां कुछ लोग ज्योति सिंह का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ पवन सिंह के करियर पर असर की बात कर रहे हैं।

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