नई दिल्ली
नवगठित दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र का सोमवार को आगाज हुआ। 26 सालों के बाद सत्ता में वापसी करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों को सदन में विधानसभा अध्यक्ष के आसन के दाहिने ओर बैठने का मौका मिला। सत्र के पहले दिन 'प्रोटेम स्पीकर' ने सभी 70 विधायकों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले तो मुस्तफाबाद से जीते मोहन सिंह बिष्ट ने सबसे बाद में शपथ ली। विधायकों ने हिंदी, इंग्लिश, पंजाबी, मैथिली समेत 6 भाषाओं में विधायकी की शपथ ली। कुछ विधायकों ने शपथ के बाद कुछ ऐसी टिप्पणियां भी कीं, जिसको लेकर प्रोटेम स्पीकर को बार-बार टोकना पड़ा।
बदरपुर सीट से जीतकर आए आम आदमी पार्टी के विधायक राम सिंह नेताजी ने शपथ ग्रहण के दौरान अपने नाम के साथ दो बार जाति जोड़ी, जिसको लेकर विवाद की स्थिति बन गई। प्रोटेम स्पीकर ने उन्हें दोबारा सही नाम के साथ शपथ लेने को कहा तो उन्होंने फिर वही किया। पहले तो राम सिंह अड़ गए लेकिन बाद में उन्होंने प्रोटेम स्पीकर की बात मानकर दोबारा शपथ ली।
दरअसल, राम सिंह नेता जी ने शपथ ग्रहण के दौरान अपने नाम के साथ गुर्जर भी जोड़ दिया। उन्होंने अपना नाम 'राम सिंह गुर्जर' कहते हुए शपथ ले ली। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर को इसकी जानकारी दी गई। प्रोटेम स्पीकर लवली ने राम सिंह नेताजी को दोबारा शपथ लेने को कहा, क्योंकि नोटनिफेकशन में उनका नाम राम सिंह नेताजी है। लेकिन इस बार भी राम सिंह ने अपने नाम के साथ गुर्जर जोड़ दिया। इस पर अरविंदर सिंह लवली ने उन्हें टोका तो वह बहस करने लगे।
राम सिंह नेता ने कहा, 'जो शर्मा लिख रहा है वो… पूरे समाज की बात है। अभी पंजाबी में बात की उसने, हमने तो नहीं कहा कि क्यों लिया उसने।' लवली ने कहा कि जिस भाषा में चाहें वह शपथ ले सकते हैं, लेकिन नाम वही लेना है जो उनके सर्टिफिकेट में है।' इसके बाद राम सिंह ने उनकी बात स्वीकार करते हुए सही नाम के साथ शपथ ली। शपथ के बाद कई नेताओं ने अलग-अलग नारे भी लगाए जिसको लेकर प्रोटेम स्पीकर को टोकना पड़ा।

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