Surguja : जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। लखनपुर विकासखंड के कुन्नी गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में नर्स की अनुपस्थिति के कारण एक स्वीपर द्वारा प्रसव कराने की कोशिश की गई। दुर्भाग्य से नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर डॉक्टर और नर्स मौजूद होते, तो बच्चे की जान बच सकती थी।
घटना 16 फरवरी की रात की है। जमदरा निवासी गौरी यादव, जो अपने मायके आई थीं, को प्रसव पीड़ा होने पर रात करीब 11 बजे कुन्नी CHC लाया गया। उस समय अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ नर्स मौजूद नहीं थे। आरोप है कि स्वीपर श्याम पति ने ही महिला की जांच कर भर्ती किया और अगले दिन सुबह प्रसव कराने का प्रयास किया। प्रसव के दौरान बच्चा फंस गया। सूचना मिलने पर डॉक्टर पहुंचे, लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी।
परिवार ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 2025 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर CHC बनाया गया, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ की भारी कमी से व्यवस्था चरमरा गई है।
इस मामले में सरगुजा के CMHO पी एस मार्को ने बताया कि केंद्र में तीन नर्स पदस्थ हैं, लेकिन दो मेडिकल अवकाश पर हैं। जिले में 235 पदों के मुकाबले 126 नर्सों की कमी है।

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