चंडीगढ़। कांग्रेस से निष्कासित पंजाब की डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा है कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू अगले एक साल तक सक्रिय राजनीति से दूर रहेंगे। सिद्धू 6 निजी कंपनियों के साथ करार कर चुके हैं, जिसके चलते वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे। नवजोत कौर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि यह फैसला पूरी तरह पेशेवर प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सिद्धू आगामी एक साल तक अपने नए प्रोजेक्ट्स और कार्पोरेट एंगेजमैंट्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। नवजोत कौर ने कहा कि वे जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगी। पार्टी का आधिकारिक कार्यालय भी शीघ्र खोला जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पोस्ट में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कई कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि पंजाब की राजनीति में भ्रष्टाचार और अवसरवादी राजनीति ने जनता का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी नई पार्टी आम लोगों की आवाज बनेगी और राज्य को भ्रष्टाचार और गलत राजनीतिक प्रथाओं से बचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के अंदर भी चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद से नवजोत कौर लगातार पार्टी पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पोस्ट के जरिये राजा वड़िंग से पूछा था कि उन्होंने 100 एकड़ जमीन कैसे खरीदी? साथ ही राजस्थान से जुड़े पंजाब के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मिलकर 2400 करोड़ रुपए का घोटाला करने का भी आरोप लगाया है। नवजोत कौर ने राजा वड़िंग को चेतावनी देते हुए कहा था कि अब वे कोर्ट में जवाब देने और जेल जाने के लिए तैयार रहें। वहीं नवजोत कौर के इन आरोपों पर वडिंग ने कहा था कि जिन लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती, उनके बयानों पर रोज प्रतिक्रिया देना उचित नहीं।

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