नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र (Winter session of Parliament) 1 दिंसबर यानी सोमवार से शुरू हो रहा है. यह शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा. इससे पहले मोदी सरकार (Modi government) ने लोकसभा और राज्यसभा के लिए 14 विधेयकों को पेश करने के लिए लिस्ट तैयार की है. केंद्र और विपक्ष (Centre and opposition) के बीच इन विधेयकों सहित कई मुद्दों पर हंगामा छिड़ने के पूरे आसार हैं.
इसी को देखते हुए शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को केंद्रीय केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू समेत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य नेता शामिल हुए. वहीं विपक्ष से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए. इस दौरान शीतकालीन सत्र को लेकर विचार-विमर्श हुआ.
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक जारी रहेगा. इस अवधि में कुल 15 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं. विपक्ष ने सत्र को अपेक्षाकृत छोटा बताते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत और गहन चर्चा की मांग की है. सामान्य परिस्थितियों में शीतकालीन सत्र में लगभग 20 बैठकें आयोजित की जाती हैं. विपक्ष ने रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे को उठाया है. इस पर केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि शीतकालीन सत्र के 15 कार्यदिवस ही रहेंगे.
1. जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 2. इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025 (IBC) 3. मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025- अध्यादेश बदलने के लिए 4. रीपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025 5. नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025 6. एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025 7. कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025 8. सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025 9. इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025 10. आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025 11. हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025 12. सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025 13. हेल्थ सिक्योरिटी सेस/नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 14. वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें (फाइनेंशियल बिजनेस)
शीतकालीन सत्र में कांग्रेस वोट चोरी का मुद्दा उठाएगी. कांग्रेस इस मुद्दे को किसी भी हालत में छोड़ना नहीं चाहती है. साथ ही कांग्रेस एसआईआर और बीएलओ की मौतों से जुड़े मामलों को भी संसद में उठाएगी. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि कथित तौर पर वोट चोरी किए जाने का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र की हत्या की जा रही हो और सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती की जा रही हो, तो यह एक मुद्दा अहम होगा. उनका कहना था, जब लाल किले के पास विस्फोट हो रहा है, तो यह एक मुद्दा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति विफल हो गई है.

More Stories
Narendra Modi ने Alexander Stubb से मुलाकात के बाद कहा—भारत-फिनलैंड संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे
पांच राज्यों के चुनाव में मंत्रियों, विधायकों और नेताओं की लगेगी ड्यूटी
Parliament of India के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू