नई दिल्ली: भारत के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन बेहद खास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के एक बड़े और ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। चुनाव जीतकर लगातार देश पर शासन करने के मामले में पीएम मोदी अब संयुक्त रूप से पंडित नेहरू के साथ आ गए हैं। 9 जून तक के कार्यकाल को देखें तो एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने लगातार 4,398 दिनों तक शासन कर लिया है, जो कि नेहरू जी के कुल और लगातार कार्यकाल के बराबर है। कल यानी 10 जून को पीएम मोदी इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे।
हाल ही में 8 जून को पीएम मोदी ने देश की सत्ता में अपने 12 वर्ष भी पूरे किए हैं। इस लंबे सफर के दौरान उनके नेतृत्व में देश में कई बड़े जमीनी, आर्थिक, रणनीतिक और कानूनी बदलाव देखने को मिले हैं। आइए जानते हैं कि पिछले 12 वर्षों में अलग-अलग मोर्चों पर पीएम मोदी का सफर और उनकी प्रमुख उपलब्धियां क्या रही हैं।
आर्थिक सुधार और डिजिटल क्रांति
साल 2014 के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम बनकर उभरा है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई ने रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम्स तक हर जगह कैशलेस लेनदेन को बेहद आसान बना दिया है। आजकल देश में हर महीने 2,300 करोड़ से अधिक यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं। इसके साथ ही साल 2017 में वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी लागू कर देश की जटिल टैक्स व्यवस्था को खत्म किया गया, जिससे टैक्स चोरी रुकी और हर महीने रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन होने लगा। बैंकिंग व्यवस्था को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिससे सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का पैसा सीधे गरीबों के खातों में पहुंच रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भर भारत
पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे का भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। देश में करीब 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है, रेलवे का रिकॉर्ड स्तर पर बिजलीकरण हुआ है और 'वंदे भारत एक्सप्रेस' जैसी आधुनिक ट्रेनें चलाई गई हैं। घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज और पीएलआई योजना की शुरुआत की, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और डिफेंस सेक्टर में भारी निवेश आया। इसका बड़ा नतीजा यह है कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है।
कड़े कानून और ऐतिहासिक फैसले
अगस्त 2019 में मोदी सरकार ने एक बड़ा और कड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हमेशा के लिए हटा दिया। इस ऐतिहासिक कदम के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह से भारतीय संविधान के दायरे में आ गए। इससे वहां केंद्रीय कानूनों का लाभ मिलने लगा और विकास की मुख्यधारा के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़े सुधार देखने को मिले।
सामाजिक कल्याण और बुनियादी सुविधाएं
आम जनता की सहूलियत के लिए चलाई गई 'आयुष्मान भारत' योजना के तहत देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। वहीं 'जल जीवन मिशन' के तहत ग्रामीण इलाकों के 15 करोड़ से अधिक घरों तक पाइपलाइन से साफ पानी पहुंचाया गया है और 'पीएम आवास योजना' के तहत गरीबों को 4 करोड़ से अधिक पक्के मकान बनाकर सौंपे गए हैं। स्वच्छता के मोर्चे पर 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया, जिसने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान दिया। इसके अलावा 'उज्ज्वला योजना' के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त और रियायती एलपीजी गैस कनेक्शन देकर धुएं से मुक्ति दिलाई गई।
रक्षा नीति और मजबूत विदेश नीति
आतंकवाद के खिलाफ भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति अपनाई, जिसके तहत सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे कड़े कदम उठाए गए। आईएनएस विक्रांत और तेजस जैसे स्वदेशी हथियारों के निर्माण से भारत रक्षा क्षेत्र में लगातार आत्मनिर्भर हो रहा है। भारत ने फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का ऐतिहासिक समझौता किया है और इंडोनेशिया के साथ भी रक्षा निर्यात को लेकर बातचीत आखिरी दौर में चल रही है।
अंतरिक्ष और विज्ञान में ऊंची छलांग
मोदी सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया, जिससे देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या 400 के पार पहुंच गई। इसरो के साथ मिलकर भारत का 'चंद्रयान-3' चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला अंतरिक्ष यान बना और सौर मिशन 'आदित्य-एल1' ने भी वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया। वहीं कोरोना संकट के दौरान भारत ने न केवल स्वदेशी वैक्सीन बनाई, बल्कि 220 करोड़ से अधिक मुफ्त वैक्सीन डोज का रिकॉर्ड अभियान चलाया और 'वैक्सीन मैत्री' के तहत दुनिया के दर्जनों देशों को दवाइयां भेजकर दुनिया की मदद की।

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