लखनऊ: इस नवरात्र एलडीए पारा की अटल बिहारी वाजपेयी मल्टीस्टोरी योजना लॉन्च करेगा। इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और अल्प आय वर्ग (एलआईजी) के लिए 9.50 लाख रुपये से लेकर 20.50 लाख रुपये तक की कीमत के 2496 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इसी तरह डालीबाग में 72 फ्लैटों वाली सरदार वल्लभ भाई पटेल मल्टीस्टोरी योजना भी लॉन्च की जाएगी। पारा में अटल बिहारी आवासीय योजना का नाम पहले प्रसून नगर था। एलडीए वीसी ने बताया कि इसका नाम बदल कर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया गया है। इसका रजिस्ट्रेशन नवरात्र पर खोला जाएगा। इस योजना में ईब्ल्यूएस फ्लैटों में भी लिफ्ट और डीजल जेनरेटर (डीजी) की सुविधा मिलेगी। इसी तरह डालीबाग में ईडब्ल्यूएस फ्लैटों वाली योजना का नाम बदलकर सरदार पटेल के नाम पर रखा गया है। नाम बदलने के लिए एलडीए को रेरा में 2.50 रुपये अलग से शुल्क जमा करना होगा।
अटल बिहारी वाजपेयी योजना, पारा
- 15 टॉवर बने हैं 12 से 19 मंजिल तक के
- 1832 फ्लैट 1 बीएचके के, कीमत 9.50 लाख रुपये, क्षेत्रफल 24.25 वर्ग मीटर
- 208 फ्लैट 2 बीएचके (लिग वर्ग) के, कीमत 17.16 लाख रुपये , क्षेत्रफल 37.62 वर्ग मीटर
- 456 फ्लैट 2 बीएचके (मिनी एमएमआईजी) के, कीमत 20.39 लाख रुपये, क्षेत्रफल 44.69 वर्ग मीटर
सरदार पटेल योजना, डालीबाग
- 2 टॉवर है जी प्लस थ्री के
- 72 फ्लैट है 35 वर्ग मीटर के, कीमत 10.50 लाख रुपये
घैला में गोमती किनारे 13.41 एकड़ में बनेगा नमो वन
वसंतकुंज योजना के पास घैला में गोमती किनारे नमो वन विकसित होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने शहरों में 'नमे वन' नाम से पार्क बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत नगर निगम यह पार्क विकसित करेगा। इसके लिए बैला में 13.41 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने गुरुवार को चिह्नित जमीन का निरिक्षण किया। तय योजना के मुताबिक, नमो वन में घने वृक्षों के साथ तितलियों को आकर्षित करने वाले पौधे और बांस भी लगाए जाएंगे। इसके साथ वॉटर बाडी, ओपन जिम, कैफेटेरिया और बर्ड-फ्रेंडली गार्डन तैयार किए जाएंगे। बच्चों और पर्यटकों के लिए शैक्षिक केंद्र बनाए जाएंगे। इसे विकसित करने में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
मियावाकी पद्धति से तैयार होगा उपवन
अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव ने बकाया कि नमो वन को मियावाकी पद्धति से विकसित किया जाएगा। इस पद्धति से 1,31,250 पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ जॉगिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा, ताकि लोग हरियाली के बीच सुबह-शाम व्यायाम और सैर का आनंद ले सकें।
प्राकृतिक कैफेटेरिया भी बनेगा
नमो वन में प्राकृतिक कैफेटेरिया भी बनेगा। इसमें पक्के निर्माण के बजाय बैठने के लिए हरे-भरे घास के मैदान डिजाइन किए जाएंगे। यहां लोगों को ऐसा महसूस होगा, जैसे वे किसी प्राकृतिक उद्यान में भोजन कर रहे हों। इस कैफेटेरिया में स्थानीय और ऑर्गेनिक उत्पादों से बनी वस्तुएं भी मुहैया करवाई जाएंगी।

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