भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल नगर निगम के दो अलग-अलग ऑफिस पर लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि लोकायुक्त की ये छापेमारी करोड़ों के फर्जी बिल से जुड़े घोटाले की है. फतेहगढ़ स्थित ऑफिस और लिंक रोड नंबर-2 पर बने मेन ऑफिस पर की है. छापेमारी की दोनों कार्रवाई एकसाथ की गई है।
लोकायुक्त की टीम ने सर्वर रूम को कब्जे में लिया
लोकायुक्त की टीमों ने नगर निगम के दोनों ऑफिसों पर सुबह के समय एक साथ छापेमारी की. लोकायुक्त की टीम ने भोपाल नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को यानी कि सर्वर रूम को अपने कब्जे में ले लिया है. कम्प्यूटर शाखा में रखे लेनदेन के ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच को बारीकी से किया जा रहा है।
कागजों पर फर्जी बिल लगाकर चल रहा था खेल!
जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त की टीम को लंबे समय से नगर निगम के ऑफिस में चल रहे कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिल रही थी. नगर निगम में बिना किसी काम के किए हुए ही कागजों पर फर्जी तरीके से बिल लगाकर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था. फर्जीवाडे़ की लगातार आ रही शिकायतों के बाद लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम के दोनों ऑफिस पर छापेमारी की कार्रवाई की।
10 साल पुराने दस्तावेज जब्त किए
जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त की टीम संबल योजना से जुड़े, और ऑनलाइन फर्जीवाड़े की भी जांच कर रही है. टीम ने मामले में जिन दस्तावेजों को जब्त किया है, वो 10 साल पुराने बताए जा रहे हैं. हालांकि अभी तक नगर निगम के अधिकारियों से पूछताछ की बात सामने नहीं आ रही है. लोकायुक्त की टीम नगर निगम के दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से पूछताछ कर रही है. जिस तरह से लोकायुक्त की टीम ने मामले में 10 साल पुराने दस्तावेजों को जब्त किया है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसमें काफी समय से घोटाला किया जा रहा था।

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