छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक कब्र को डेढ़ साल बाद खोदा गया और शव को निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई. शख्स की साल 2023 में मौत हुई थी. अब एक वकील ने उसके परिजनों को मुआवजा दिलाने का लालच दिया और मामले में केस करने की सलाह दी. उसने मामले को नया रूप दिया और बताया कि मृतक की मौत सांप के काटने से हुई थी, जिसके बदले मुआवजा दिया जाए.
ये मामला बिलासपुर के बिल्हा थाना क्षेत्र के पोड़ी गांव से सामने आया है. यहां 12 नवंबर 2023 को शिव कुमार घृलहरे ने जहर खा लिया था. इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी दो दिन बाद मौत हो गई थी. अब शिव कुमार की मौत के करीब डेढ़ साल बाद वकील कामता साहू ने उसके परिवार वालों को मुआवजा दिलाने का लालच दिया और केस को सांप के काटे जाने का रूप देने की बात कही.
फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनवाई
शिव कुमार के परिवार वालों ने वकील की बात मान ली. इसके बाद परिवार वालों और वकील ने प्रियंका सोनी नाम के डॉक्टर से मदद ली और एक फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनवाई. उसका सीधा मकसद सरकार से शिव कुमार की मौत के बदले मुआवजा लेना था. शव को कब्र से निकालने के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी मौजूद थी.
केस का मास्टरमाइंड वकील
इस मामले का खुलासा 9 मई को हुआ, जब पुलिस ने डॉक्टर और वकील के साथ ही परिवार वालों के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने आया कि इस पूरे केस का मास्टरमाइंड वकील कामता साहू है. उसी ने शिव कुमार के परिजनों को लालच देकर इस काम को करने के लिए कहा और फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनवाई. इसके बाद मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया.
विशेषज्ञों की टीम ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा. लेकिन कहा गया कि ज्यादा समय बीत जाने की वजह से शव पूरी तरह डिकंपोज हो चुका है. ऐसे में सटीक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार कर पाना अब मुश्किल होगा. अभी मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

More Stories
T. S. Singh Deo का तंज—‘जय-वीरू की जोड़ी हुई पुरानी, अब नई फिल्म आएगी’
Muppala Lakshmana Rao उर्फ गणपति नेपाल में गिरफ्तार, 15 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना
रायपुर ग्रामीण में खूनी होली, आरंग-खरोरा-बरबंदा में तीन हत्याएं, तिल्दा में चाकूबाजी