खैरा की सोशल मीडिया पोस्ट से गरमाई सियासत, सदन में हंगामा और निंदा प्रस्ताव

चंडीगढ़ |  विधानसभा के बजट सत्र के चाैथे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हो गया। विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बयान को लेकर विवाद हो गया।वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। यह दलित महिलाओं का अपमान है। चीमा ने कहा कि हर बार कांग्रेसी महिलाओं का अपमान करते हैं। इससे पहले बैंड बाजा वाला बयान दिया गया हैं। चीमा ने कहा कि इन लोगों ने सीमा पार कर लीं। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा कि मुझे इस तरह के पोस्ट की जानकारी नहीं है। अगर पोस्ट किया है तो हम उसकी निंदा करते हैं। आप विधायक इंदरजीत ने कहा कि यह महिलाओं का अपमान है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगें। इसके बाद आप महिला विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही चीमा ने फिर कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद प्रताप बाजवा ने कहा कि खैरा कल सदन में अपना पक्ष रखेंगे।

खैरा अपने बयान पर कायम

वहीं हंगामे के बीच सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है। खैरा ने लिखा-मैंने जो कहा या सोशल मीडिया पर शेयर किया, मैं उस पर कायम हूं क्योंकि यह हजार रुपये की स्कीम वोट पाने का एक स्टंट है क्योंकि अगर आम आदमी पार्टी सच में अपना वादा पूरा करने के लिए सीरियस होती तो उन्हें यह पहले बजट में करना चाहिए था, आखिरी में नहीं।
 
निंदा प्रस्ताव पेश

खैरा के पोस्ट में महिलाओं के अपमान को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। आप विधायक ने मांग की कि खैरा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही सदन में आकर भी माफी मांगने की मांग की गई है। विधायकों ने कहा कि तब तक खैरा को सदन में बैठने नहीं देना चाहिए। तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि मेंबर को मौका देना चाहिए। उसके बाद ही प्रस्ताव पास करना चाहिए।कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने 10 करोड़ रुपये रंगला पंजाब के तहत हर हलके को देने का ऐलान किया। पिछले बजट में इसका प्रावधान किया गया लेकिन पिछले साल मुझे यह फंड नहीं मिला। मैंने डीसी से भी संपर्क करके देख लिया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।