बेंगलुरु: कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण सीट से कांग्रेस विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा (95) का रविवार शाम को निधन हो गया. उम्र संबंधी बीमारियों के कारण पिछले कुछ दिनों से शिवशंकरप्पा का बेंगलुरु के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था.
16 जून 1931 को दावणगेरे के शमनूर गांव में जन्मे शमनूर शिवशंकरप्पा 6 बार विधायक रहे. उन्होंने कई मुख्यमंत्रियों के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर काम किया. शिवशंकरप्पा ने अखिल भारतीय वीरशैव लिंगायत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया था.
वीरशैव लिंगायत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे शमनूर शिवशंकरप्पा ने हाल ही में अपना 95वां जन्मदिन मनाया था. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावणगेरे जाकर केक काटा था और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं.
शमनूर शिवशंकरप्पा की चार बेटियां और तीन बेटे हैं. उनके एक बेटे एसएस मल्लिकार्जुन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में मंत्री हैं.
शमनूर शिवशंकरप्पा ने DRM साइंस कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएशन किया. चावल का व्यापार करते हुए उन्होंने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने सबसे पहले दावणगेरे नगरपालिका परिषद के सदस्य के तौर पर काम किया, जो पहले चित्रदुर्ग जिले का हिस्सा था, और बाद में उसके अध्यक्ष बने.
शिवशंकरप्पा 1971 से 1973 तक अविभाजित चित्रदुर्ग जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे. 1980 में, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा और इंदिरा गांधी की कांग्रेस के उम्मीदवार टीवी चंद्रशेखरप्पा से हार गए. 1994 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में, शिवशंकरप्पा ने बीजेपी उम्मीदवार केबी शंकरनारायण को हराया और पहली बार विधायक चुने गए. 2004 में, शिवशंकरप्पा दूसरी बार, 2008 में तीसरी बार, 2013 में चौथी बार, 2018 में पांचवीं बार और 2023 में छठी बार विधायक चुने गए.
विधायकी से इस्तीफा: शिवशंकरप्पा ने पहले विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. वह 1997 में दावणगेरे लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए. 1999 में, उन्होंने फिर से लोकसभा चुनाव लड़ा और हार गए. यह वह समय था जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक वोट से गिर गई थी.

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