February 16, 2026

Jharkhand High Court: मैट्रिक छात्र की कथित अवैध हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस से पूछे कड़े सवाल

रांची। Jharkhand High Court ने चतरा जिले के लावालौंग और टंडवा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय मैट्रिक परीक्षार्थी को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने के मामले को गंभीरता से लिया है। हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कई अहम सवाल खड़े किए। अदालत के समक्ष यह भी तथ्य आया कि हिरासत के कारण छात्र की मैट्रिक परीक्षा छूट गई, जिससे उसके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

मामले की सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने की। पहली ही सुनवाई में अदालत ने चतरा डीएसपी के साथ लावालौंग और टंडवा थाना प्रभारी की मौजूदगी पर सवाल उठाया। कोर्ट ने पूछा कि जब उनकी उपस्थिति का निर्देश नहीं था तो वे क्यों आए और यदि आए तो केस डायरी साथ क्यों नहीं लाई गई।

Jharkhand High Court: पुलिस से तीखे सवाल

खंडपीठ ने पुलिस अधिकारियों से स्पष्ट रूप से पूछा कि 26 जनवरी की रात करीब दो बजे छात्र को उसके घर से क्यों उठाया गया। पूछताछ के बाद उसे तत्काल रिहा क्यों नहीं किया गया और करीब दस दिनों तक हिरासत में क्यों रखा गया। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है, जिसका पालन इस मामले में नहीं हुआ।

याचिका में बताया गया है कि रंगदारी से जुड़े एक मामले में छात्र के मोबाइल को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। बाद में उसे टंडवा थाना को सौंप दिया गया और कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में रखा गया।

Jharkhand High Court: याचिका के बाद छात्र की रिहाई

परिजनों द्वारा हेबियस कॉर्पस याचिका दायर किए जाने के बाद छात्र को घर पहुंचाया गया। हालांकि आरोप है कि पुलिसकर्मी अब भी उसके घर के आसपास तैनात हैं और केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आगे की सुनवाई में पुलिस से जवाब तलब करने के संकेत दिए हैं।