नई दिल्ली। क्या चीन और पाकिस्तान से भारत का रहस्यमय इलेक्ट्रोमैग्नेटिक युद्ध चल रहा है या युद्ध की तैयारी है? कुछ बातों से इसके संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, भारत ने मुंबई फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन (एफआईआर) में जीपीएस हस्तक्षेप को लेकर नोटम जारी किया है, जो अरब सागर तक फैला हुआ है। यानि, इस क्षेत्र में कोई हमारी जीपीएस क्षमता को हैक कर रहा है, जाम कर रहा है यानि उसमें हस्तक्षेप कर रहा है। ये क्षेत्र भारत के सबसे व्यस्त हवाई मार्ग में आता है इसीलिए नोटम को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक युद्ध शुरू होने के बहुत बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
आशंका इसकी हैं कि क्या कोई हमारे क्षेत्र में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक युद्ध के द्वारा हमारी क्षमता की जांच कर रहा है? या फिर हम खुद अपनी क्षमता का टेस्ट कर रहे हैं? इससे पहले नई दिल्ली में भी भारत ने ऐसा ही नोटम जारी किया था। जीपीएस संबंधित नोटम का मतलब होता है कि इस क्षेत्र से जो हवाई जहाज गुजरने वाले हैं, उनका जीपीएस सिग्नल जाम होगा, वे जीपीएस सिग्नल खो देने वाले है।
नई दिल्ली के बाद मुंबई में ऐसा होने का मतलब है कि भारत अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, यानि विद्युत चुम्बकीय युद्ध की दुनिया में प्रवेश कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद ऐसा होने का मतलब है कि या भारत अपनी सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, शायद भारत ने आधुनिक युद्ध में नये खतरों का पता लगाया है या इस वक्त भी चीन और पाकिस्तान के साथ हमारा किसी तरह के अदृश्य युद्ध चल रहा है, या हम खुद अपनी क्षमता का टेस्ट कर रहे हैं। भारत के जीपीएस हस्तक्षेप नोटम जारी करने का ऐसे ही कुछ मतलब समझ में आते हैं।

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