इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर क्षेत्र में NH-52 पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए कई अहम ढांचागत परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है. इन परियोजनाओं का निर्माण (NHAI) करेगा. परियोजना के तहत राऊ सर्किल के आगे पिगडंबर क्षेत्र में एलिवेटेड कॉरिडोर, धामनोद बायपास के एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर फ्लाईओवर और सिरसोदिया जंक्शन पर वाहन अंडरपास (वीयू-पी) का निर्माण किया जाएगा।
पिगडंबर में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
इन कार्यों के लिए निर्माण एजेंसियों को अवॉर्ड मार्च के अंत तक जारी होने की संभावना है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य इंदौर-महू मार्ग सहित NH-52 पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को कम करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है. राऊ सर्किल फ्लाईओवर के आगे पिगडंबर चौराहा क्षेत्र में लगभग 2.1 किलोमीटर लंबा 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में फिलहाल दो प्रमुख चौराहे और मीडियन ओपनिंग हैं, जहां स्थानीय मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्ग का ट्रैफिक एक ही स्तर पर चलता है. इससे अक्सर ट्रैफिक टकराव, जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है. पिगडंबर क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों, शिक्षण संस्थानों, होटल-रेस्टोरेंट और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण इस मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद मुख्य राजमार्ग का ट्रैफिक ऊपर से निर्बाध चलेगा, जबकि नीचे स्थानीय यातायात के लिए अलग मार्ग रहेगा।
धामनोद बायपास पर 6 लेन फ्लाईओवर
धामनोद बायपास के प्रारंभ और अंत बिंदु पर लगभग 1.5-1.5 किलोमीटर लंबे 6 लेन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. वर्तमान में बायपास से आने-जाने वाला ट्रैफिक और मुख्य राजमार्ग का ट्रैफिक एक ही स्तर पर मिलता है, जिससे कई बार यातायात की गति धीमी हो जाती है और व्यस्त समय में जाम लग जाता है. फ्लाईओवर बनने के बाद मुख्य हाईवे का ट्रैफिक ऊपर से और बायपास का ट्रैफिक नीचे से संचालित होगा, जिससे यातायात का प्रवाह संतुलित और सुरक्षित रहेगा।
सिरसोदिया जंक्शन पर बनेगा अंडरपास
NH-52 के सिरसोदिया जंक्शन पर 6 लेन वाहन अंडरपास (VUP) भी बनाया जाएगा. यह जंक्शन आसपास के ग्रामीण मार्गों को हाईवे से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बिंदु है. साथ ही यह ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू जाने वाले प्रमुख मार्गों में भी शामिल है. पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान यहां वाहनों की संख्या बढ़ जाती है. अंडरपास बनने से मुख्य हाईवे का ट्रैफिक बिना रुकावट चलेगा, जबकि स्थानीय वाहन नीचे से सुरक्षित तरीके से निकल सकेंगे।
सर्विस रोड और स्लिप रोड भी बनेंगी
इन परियोजनाओं में स्थानीय यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड और आवश्यक स्थानों पर स्लिप रोड भी बनाई जाएंगी. इससे स्थानीय वाहनों को हाईवे के मुख्य ट्रैफिक से अलग सुरक्षित मार्ग मिलेगा. दरअसल, एनएच-52 के इस हिस्से के कई जंक्शनों को सड़क सुरक्षा के लिहाज से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया था. लंबे समय से इन स्थानों पर स्थायी समाधान की मांग की जा रही थी।

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