सीधी जिले के रामपुर| नैकिन जनपद पंचायत में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान सम्मान न मिलने पर जनपद अध्यक्ष और महिला कांग्रेस नेत्री उर्मिला साकेत ने नाराज़गी जताते हुए प्रशासन के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दिए जाने का आरोप लगाते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजीव तिवारी को भाजपा का पटका पहनाकर विरोध प्रकट किया|
शासकीय कार्यक्रम को बताया राजनीतिक मंच
उर्मिला साकेत का कहना है कि शासकीय आयोजन को भाजपा के मंच में बदल दिया गया, जहां सत्ताधारी दल के नेताओं को प्राथमिकता दी गई और सम्मानित किया गया, जबकि जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ऋषिराज मिश्रा तथा अन्य निर्वाचित सदस्यों को नजरअंदाज कर दिया गया. उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया. यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जनपद सभागार में आयोजित सामान्य सभा की बैठक के दौरान सामने आई. विरोध स्वरूप अध्यक्ष ने सीईओ को भाजपा का पटका पहनाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई|
कांग्रेसी होने के कारण उपेक्षा का आरोप
अध्यक्ष उर्मिला साकेत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़ी होने की वजह से उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है. उनका कहना है कि नियमानुसार जनपद से जुड़े किसी भी सरकारी कार्यक्रम में अध्यक्ष को आमंत्रित करना अनिवार्य होता है, लेकिन उन्हें बार-बार दरकिनार किया जाता है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा|
सदस्यों ने भी जताई नाराज़गी
उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों में बुलाने के बावजूद सम्मान नहीं दिया जाता. इस मुद्दे पर अन्य सदस्यों ने भी नाराज़गी जताई है. उनका आरोप है कि अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है और जनपद अध्यक्ष व सदस्यों को महत्व नहीं दिया जाता. इसी कारण कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया|
विधायक प्रतिनिधि ने दी घेराव की चेतावनी
वहीं, चुरहट विधायक प्रतिनिधि ज्ञान अग्निहोत्री ने भी जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को गलत ठहराया. उनका कहना है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सदस्यों को सूचना तक नहीं दी गई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनेंगे तो जनपद कार्यालय का घेराव किया जाएगा|
उपाध्यक्ष का आरोप, सत्ताधारियों के इशारे पर काम
जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ऋषिराज मिश्रा ने भी कहा कि कार्यक्रमों में नियमानुसार जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल सत्ताधारियों के इशारे पर काम कर रहे हैं. अध्यक्ष के सम्मान में कमी को लेकर कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया और सीईओ को भाजपा का पटका पहनाकर विरोध जताया गया. इस पूरे मामले में जब सीईओ राजीव तिवारी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया|

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