बुलंदशहर। डायबिटीज की बीमारी बहुत तेजी से लोगों को घेर रही है। अब छोटे शहरों के लोग भी शरीर को खोखला करने वाली बीमार घेर रही है। एक अप्रैल से 31 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई स्क्रीनिंग में सभी बीमारियों के मरीज मिले हैं। औसतन हर पांचवां व्यक्ति डायबिटीज का शिकार मिल रहा है। स्क्रीनिंग का डाटा ई-कवच पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
प्रदेश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिंताजनक यह है कि अब यह बीमारी महानगरों से अधिक छोटे जिलों को अपनी चपेट में ले रही है। स्वास्थ्य विभाग के ई-कवच पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रदेश में 38,621 लोगों की जांच की गई, जिसमें से 10,908 लोग डायबिटीज पाजिटिव पाए गए। औसतन हर पांचवां व्यक्ति इस बीमारी से ग्रस्त मिला और पाजिटिविटी रेट 28 प्रतिशत तक पहुंच गया। सीएमओ डा. सुनील कुमार दोहरे का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की डायबिटीज की जांच कराता है। ई-कवच पोर्टल पर अप्रैल से 15 जुलाई तक की रिपोर्ट चिंतनीय है। रिपोर्ट के अनुसार छोटे जिलों में भी डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़े हैं।
इस अवधि में बुलंदशहर जिले में डायबिटीज के संभावित 1760 मरीज मिले हैं। जिनका उपचार शुरू किया गया है। सीएमओ ने बताया कि डायबिटीज से बचने के लिए संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम जरूरी है। अगर परिवार में पहले डायबिटीज की हिस्ट्री हो तो विशेष सावधानी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि 30 वर्ष से अधिक उम्र होने पर नियमित डायबिटीज का चेकअप जरूर कराएं। डिप्टी सीएमओ डा. हरेन्द्र बंसल ने बताया कि डायबिटीज के खतरे को संतुलित जीवन शैली से कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने छोटे शहरों में डाइट चार्ट अपनाने और नियमित व्यायाम को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ मरीजों को शुरुआती जांच की सुविधा देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
अनियमित दिनचर्या डायबिटीज का बड़ा कारण
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे शहरों और कस्बों में फास्ट फूड की बढ़ती लत, शारीरिक गतिविधियों की कमी, और असंतुलित खानपान इसकी मुख्य वजह बन रही हैं। पहले डायबिटीज को शहरी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी पांव पसार रही है।
ये भी मिले मरीज
स्क्रीनिंग अभियान में सीओपीडी के 352, डायबिटीज के 1760, ओरल कैंसर के 45, हाइपरटेंशन के 3087 मिले। इनको आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से इलाज के लिए सीएचसी पर भेजा गया।

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