झांसी|झांसी के लहचूरा के बरौटा गांव में दिल दहलाने वाला दोहरा हत्याकांड सामने आया है। यहां एक युवक ने विवाद के बाद प्रेमिका समेत उसके तीन साल के मासूम बेटे की कुल्हाड़ी से काटकर नृशंस हत्या कर दी। पहचान मिटाने के लिए प्रेमिका के चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। रविवार दोपहर गांव के बाहर मिला शव उसी प्रेमिका का निकला। वहीं, मासूम के शव को उसने पास के खेत में भूसे के ढेर में दबा दिया था। मंगलवार रात युवक ने भूसे के ढेर में आग लगा दी थी। पुलिस को किसी तरह इसकी भनक लग गई। बुधवार देर-रात आरोपी चतुर्भुज को मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
बरौटा गांव निवासी चतुर्भुज पटेल (40) उर्फ राजीव झांसी में रहकर ब्लिंकिट में काम करता था। उसका भाई संजीव ग्राम प्रधान रह चुका है। चतुर्भुज की पहली पत्नी नेहा की मौत के बाद वर्ष 2015 में उसने टहरौली निवासी हेमलता से शादी कर ली। हेमलता से उसे एक पुत्र है लेकिन, कुछ समय बाद हेमलता से उसका विवाद होने लगा। हेमलता उसे छोड़कर दिल्ली जाकर रहने लगी।
चतुर्भुज यहां अकेले रहता था। गांव का एक युवक गुरुग्राम में गार्ड है। उसके जरिये उसकी पहचान गुरुग्राम निवासी नीलू (35) से हो गई। नीलू शादीशुदा थी। उसके एक पुत्र कृष्णा (3) था। नीलू को भी उसके पति ने छोड़ दिया था। कुछ महीने पहले चतुर्भुज गुरुग्राम में जाकर नीलू के साथ रहने लगा था। चतुर्भुज पिछले सप्ताह नीलू एवं कृष्णा को लेकर यहां चला आया।
क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह के मुताबिक चतुर्भुज गुस्सैल के साथ सनकी स्वभाव का है। तीन अप्रैल की रात पैसों को लेकर उसका नीलू से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर शराब के नशे में चतुर्भुज ने पास में रखी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ नीलू के सिर पर कई वार कर डाले। शोर शराबा सुनकर कृष्णा जागकर रोने लगा। उस समय भी चतुर्भुज के सिर पर खून सवार था। उसने कृष्णा को भी मौत के घाट उतार दिया। अपने कमरे में ही दोनों के शव को दिनभर रखे रहा। रात होने पर नीलू के शव को सड़क किनारे फेंक दिया जबकि कृष्णा के शव को रामस्वरूप के खेत में भूसे में दबा दिया था।
मिशन शक्ति रजिस्टर के पन्ना नंबर 37 के सहारे पहुंची पुलिस
हत्यारोपी शातिर चतुर्भुज ने पुलिस से बचने के लिए नीलू का चेहरा पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया था। नीलू को पूरे गांव में कोई नहीं जानता था। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके शिनाख्त की थी। शिनाख्त के लिए पुलिस ने काफी हाथ पांव चलाए लेकिन, उसे कामयाबी नहीं मिली।
आसपास के गांव का भी कोई आदमी उस कद-काठी को देखकर पहचान नहीं सका। ऐसे में लहचूरा थाना प्रभारी सरिता मिश्रा ने थाने में रखे मिशन शक्ति के रजिस्टर का सहारा लिया। उसमें दर्ज महिलाओं को उन्होंने तलाशना शुरू किया। एक-एक करके पिछले करीब एक साल में शिकायत करने वाली महिलाओं से बात की।
तीन दर्जन से अधिक महिलाओं से बात करते करते जब वह पन्ना नंबर 37 पर पहुंचीं तब उसमें बरौटा गांव निवासी हेमलता का नाम मिला। थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के फोन पर हेमलता ने ही चतुर्भुज के बारे में बताया। हेमलता ने बताया कि चतुर्भुज उसका पति है। उसके दूसरी महिलाओं से संबंध हैं।
विरोध करने पर शराब पीकर अक्सर उसके साथ मारपीट करता है। हेमलता ने ही पुलिस को बताया कि चतुर्भुज कुछ दिनों पहले बाहर से एक महिला और बच्चे को लेकर गांव आया है। उन दोनों के बीच विवाद की बात भी हेमलता ने पुलिस को बताई। बरौटा गांव का नाम सुनकर पुलिस का माथा ठनका।
सबूत मिटाने के लिए जलाया मासूम का शव
बेहद शातिर हत्यारोपी चतुर्भुज को जैसे ही पुलिस के गांव पहुंचने की बात मालूम चली, उसने जहां कृष्णा के शव को भूसे के ढेर में दबाया था, वहां मंगलवार रात पहुंचकर आग लगा दी। आग लगने के बाद भी कृष्णा का शव पूरी तरह से जल नहीं सका। उसका कुछ हिस्सा बचा रह गया था।एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि चतुर्भुज का सुराग मिलने के बाद पुलिस तलाश रही थी। बुधवार रात मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

More Stories
Gegal Toll Plaza पर भीषण हादसा, कंटेनर ने कार को कुचला, 7 घायल
सलूंबर में रहस्यमयी बीमारी का कहर, 8 दिन में 8 मासूमों की मौत से दहशत
राजस्थान विधानसभा में चार वित्तीय समितियों का गठन, जानें किसका क्या काम