गुजरात सरकार का बड़ा ऐलान, ‘सेना को मिलेगी पूरी मदद, नागरिकों को राहत सामग्री की कमी नहीं होने देंगे

पाकिस्तान की ओर से  गुरुवार देर रात किए गए ड्रोन-मिसाइल हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। गुरुवार रात गुजरात के भुज एयरबेस और कच्छ को भी निशाना बनाया गया, जिसे भारत डिफेंस सिस्‍टम ने नाकाम कर दिया। इसे देखते हुए गुजरात के मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें तनावपूर्ण माहौल और सीमावर्ती राज्य के तौर पर गुजरात की सतर्कता और तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में हाई अलर्ट रखे जाने, पाकिस्तान के साथ समुद्री, जमीनी व हवाई सीमा से सटे 18 जिलों के संदर्भ में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रशासनिक तंत्र, पुलिस और अन्य जिला अधिकारियों उनके-उनके क्षेत्रों की जा रही सुरक्षा की अग्रिम तैयारियों की व्यवस्था की जानकारी ली।

कंट्रोल रूम और इमरजेंसी सेंटर अलर्ट रहें: पटेल

सीएम भूपेंद्र पटेल शुक्रवार सुबह सबसे पहले गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंचे। इसके बाद सीएम ने गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और मुख्य सचिव पंकज जोशी की उपस्थिति में सीमावर्ती क्षेत्र कच्छ, बनासकांठा, पाटण और जामनगर जिलों सहित राज्य की संपूर्ण स्थिति की बारीकी से जानकारी ली।

उन्होंने विशेषकर मौजूदा स्थिति में सभी जिलों के कंट्रोल रूम और इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटरों को 24 घंटे लगातार कार्यरत रखने के स्पष्ट दिशा निर्देश दिए।

नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करें अधिकारी

सीएम ने बैठक में  मौजूद तनावपूर्ण स्थिति में संबंधित जिलों के सीमावर्ती गांवों के इवैक्यूएशन प्लान कार्यरत करने के साथ ही नागरिक संरक्षण की तैयारियों, सुरक्षित स्थान की पहचान और भोजन-पानी एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन की आपूर्ति में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए संबंधित जिलों और प्राधिकारियों को एहतियात के तौर पर इन चीजों का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिए।